लखनऊ

विधायकों के फोन की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं! विधानसभा अध्यक्ष का कड़ा अल्टीमेटम

Satish Mahana Big Statement: विधायकों के फोन की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ा रूख अपनाया है।

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Feb 19, 2026
सतीश महाना का बड़ा बयान।

Satish Mahana Big Statement: यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) ने सदन में स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी विधायकों के फोन नहीं उठाते या जनहित से जुड़े मामलों में सहयोग नहीं करते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन में रखा मुद्दा

यह मामला तब उठा जब नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय (Mata Prasad Pandey) ने अधिकारियों के असहयोग का मुद्दा सदन में रखा। इसके बाद अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यवस्था दी कि पहले से जारी शासनादेशों का सख्ती से पालन कराया जाए। अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) को निर्देश दिए कि वे संबंधित विभागों को स्पष्ट रूप से अवगत कराएं कि विधायकों को जनहित के मामलों में समय, सम्मान और समुचित जवाब देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

विधायकों के फोन की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं

उन्होंने यह भी साफ किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले अफसरों के खिलाफ सेवा नियमावली के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिससे प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। सतीश महाना ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की ओर से दी गई जानकारी से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि कुछ अधिकारी विधायकों के साथ अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।

सभी को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र का सम्मान करना अनिवार्य

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी सदन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया था और दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अध्यक्ष ने दोहराया कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और आवश्यक होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के ये तीनों स्तंभ एक-दूसरे के पूरक हैं और सुचारु शासन व्यवस्था के लिए सभी को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र का सम्मान करना अनिवार्य है। अध्यक्ष ने अधिकारियों को अपने कर्तव्यों और सीमाओं का पालन करने की नसीहत दी, वहीं सदन के सदस्यों से भी अपेक्षा जताई कि वे अन्य संवैधानिक अंगों की गरिमा और मर्यादा का सम्मान बनाए रखें।

महाना ने संसदीय कार्य मंत्री से आग्रह किया कि इस विषय में नए और अधिक कड़े निर्देश जारी किए जाएं, जिससे शासनादेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अधिकारी निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं, वे सीधे तौर पर अपनी सेवा नियमावली का उल्लंघन कर रहे हैं।

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