
Ravan Dahan: शिक्षा के साथ संस्कारों और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजधानी के सेंट जोसेफ विद्यालय समूह की विभिन्न शाखाओं में दशहरा पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। राजाजीपुरम, सीतापुर रोड, रुचि खंड सहित विद्यालय समूह की अन्य शाखाओं में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने लघु रामलीला का मंचन कर भगवान श्रीराम के आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद असत्य और बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर उत्सव के रंगों से सराबोर रहा और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय निवासी भी शामिल हुए। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और उनके अभिनय की सराहना की। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों को प्रस्तुत किया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ भारतीय पर्व-त्योहारों के महत्व और उनसे मिलने वाली जीवनोपयोगी सीख से परिचित कराना भी रहा।
दशहरा समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने लघु रामलीला का मंचन किया। रामायण के प्रसंगों पर आधारित इस प्रस्तुति में बच्चों ने भगवान श्री राम और रावण के बीच हुए युद्ध को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। मंचन के जरिए सत्य, धर्म, साहस और सदाचार के महत्व को रेखांकित किया गया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक उनका उत्साहवर्धन किया।राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। यह दृश्य बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बना। आयोजन के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि जीवन में अहंकार, अन्याय और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर सत्य और नैतिकता के मार्ग पर चलना चाहिए।
कार्यक्रम से पहले सेंट जोसेफ विद्यालय समूह की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. पुष्पलता अग्रवाल ने सभी को शारदीय नवरात्र और दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि वे जीवन में अच्छे आचरण, नैतिकता और सकारात्मक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा भी देते हैं। बच्चों को इन परंपराओं के महत्व को समझना चाहिए और उनसे मिलने वाली सीख को अपने व्यवहार में उतारना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कारों से जोड़ना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। विभिन्न पर्व-त्योहार बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आपसी सद्भाव, सहयोग और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
विद्यालय समूह के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल ने भी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रावण के पुतले का दहन बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने बच्चों को सभी धर्मों के पर्व और त्योहारों को मिलजुल कर मनाने की प्रेरणा दी। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन बच्चों में सांस्कृतिक समझ, आपसी सम्मान और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और नैतिक आचरण को भी प्रमुखता दी जाती है। बच्चों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने और उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दशहरा समारोह के दौरान विद्यालय समूह के संयुक्त निदेशक सृजन अग्रवाल सहित विभिन्न शाखाओं की प्रधानाचार्य लीना शर्मा, अमिता सिंह और चारू खरबंदा मौजूद रहीं। प्रशासनिक अधिकारी पल्लवी उपाध्याय, सोनल बिंद्रा और समरीन शफी सहित अन्य विद्यालय प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय की विभिन्न शाखाओं में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया। रामलीला के मंचन और रावण दहन के साथ संपन्न हुए समारोह ने बच्चों को सत्य, सदाचार और अच्छे आचरण का संदेश दिया। उत्साहपूर्ण माहौल में मनाए गए दशहरा पर्व ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को मिलकर त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर प्रदान किया।