
UP Doctor Promotion: उत्तर प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में शासन ने प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के 31 चिकित्साधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की है। इन अधिकारियों को लेवल-4 से लेवल-5 यानी अपर निदेशक ग्रेड में पदोन्नत किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा अनुभाग-2 की ओर से 17 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया। पदोन्नति के साथ कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। इस फैसले को स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शासन की ओर से जारी आदेश के तहत प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के 31 चिकित्साधिकारियों को उच्च वेतन स्तर और पद की जिम्मेदारी के लिए पदोन्नत किया गया है। लेवल-4 से लेवल-5 में पदोन्नति का अर्थ है कि संबंधित चिकित्साधिकारी अब अपर निदेशक ग्रेड में शामिल होंगे। स्वास्थ्य विभाग में इस स्तर के अधिकारी विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी और पर्यवेक्षण संबंधी दायित्व निभाते हैं। उनके अनुभव और कार्यक्षमता का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन तथा विभागीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है।
पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा का नाम भी शामिल है। उन्हें लेवल-5 यानी अपर निदेशक ग्रेड में पदोन्नत करने के साथ राज्य क्षय रोग अधिकारी के पद पर तैनात किया गया है। उनकी नई तैनाती महानिदेशालय, लखनऊ में की गई है। इस जिम्मेदारी के तहत क्षय रोग नियंत्रण से जुड़े विभागीय कार्यों और कार्यक्रमों के संचालन में उनकी भूमिका रहेगी। हालांकि, नई तैनाती के प्रभावी होने और कार्यभार ग्रहण करने से संबंधित विस्तृत जानकारी जारी आदेश के अन्य प्रावधानों पर निर्भर करेगी।
इसी क्रम में हरदोई के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय को भी पदोन्नति मिली है। शासन ने उन्हें अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के पद पर तैनात किया है। उनकी नई तैनाती आजमगढ़ मंडल में की गई है। इस बदलाव के बाद उन्हें मंडल स्तर पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभानी होंगी। डॉ. पांडेय की पदोन्नति और नई तैनाती हरदोई के स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव का संकेत भी है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में अपर निदेशक ग्रेड के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी निभानी पड़ सकती है। ऐसे में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों के अनुभव का उपयोग प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में किया जा सकता है।
शासन के इस आदेश के तहत कुल 31 चिकित्सा अधिकारियों को लेवल-5 में पदोन्नति दी गई है। इनमें गोरखपुर और हरदोई के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने के कारण यह आदेश विशेष रूप से चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में सभी 31 अधिकारियों के नाम और उनकी तैनाती का पूरा ब्योरा शामिल नहीं है। इसलिए अन्य अधिकारियों के पदस्थापन के संबंध में विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।