
Teacher Recruitment Protest:उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष लगातार जारी है। इसी क्रम में अभ्यर्थियों ने राजधानी लखनऊ में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने घंटी बजाकर और नारेबाजी कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 48 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। अभ्यर्थियों ने वर्ष 2018 की सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ देने और पांच प्रतिशत छूट के आधार पर चयन सूची में बदलाव कर नई सूची जारी करने की मांग उठाई।
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर प्रदेश में शिक्षक भर्ती और नियुक्ति से जुड़े सवालों को सामने ले आया है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर चर्चा आगे बढ़ेगी। हालांकि, आंदोलन का अंतिम परिणाम संबंधित विभाग और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल अभ्यर्थियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उन्हें नियुक्ति के संबंध में कब तक ठोस निर्णय और स्पष्ट जानकारी मिल पाती है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अनूठे तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। मंत्री के आवास के बाहर घंटियां बजाकर और नारे लगाकर उन्होंने नियुक्ति का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर विभिन्न स्तरों पर गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसी वजह से उन्हें दोबारा सड़क पर उतरकर विरोध जताना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेकर उन्हें नियुक्ति देने की मांग की।
प्रदर्शन के बीच जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अभ्यर्थियों से मिलने अपने आवास के बाहर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, मंत्री ने उन्हें समर्थन देने का आश्वासन देते हुए कहा कि वह इस मामले पर चर्चा करेंगे। मंत्री की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद अब अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांग संबंधित स्तर पर उठाई जाएगी और नियुक्ति के मामले में आगे कोई रास्ता निकल सकता है। हालांकि, नियुक्ति को लेकर किसी अंतिम निर्णय या समयसीमा की घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग वर्ष 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें आरक्षण का उचित लाभ दिया जाए। इसके साथ ही पांच प्रतिशत छूट के आधार पर चयन सूची में आवश्यक बदलाव कर नई सूची जारी की जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सके। उनका दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़े मुद्दों के कारण उनकी नियुक्ति लंबे समय से अटकी हुई है। अभ्यर्थियों ने सरकार से मामले की समीक्षा कर नियमानुसार समाधान निकालने की अपील की है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे करीब छह वर्षों से नियुक्ति की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अब तक नियुक्ति पत्र मिलने का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय तक अनिश्चितता बनी रहने से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और पात्रता तथा आरक्षण से जुड़े मुद्दों का निस्तारण जल्द किया जाए।