लखनऊ

46 दिन से SCERT में डटे शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी! 68,500 भर्ती की आरक्षण विसंगति पर समाधान का इंतजार

68500 Teacher Recruitment Dispute: लखनऊ के निशातगंज स्थित SCERT मुख्यालय में 68,500 शिक्षक भर्ती की आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग पर अभ्यर्थियों का धरना 46 दिनों से जारी है।
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Oct 16, 2026
निदेशक बेसिक के कार्यालय में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी; वार्ता और मांगों के निस्तारण पर अड़े अभ्यर्थी (फोटो सोर्स :Election Commission )
निदेशक बेसिक के कार्यालय में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी; वार्ता और मांगों के निस्तारण पर अड़े अभ्यर्थी (फोटो सोर्स :Election Commission )

Teacher Tecruitment Reservation Discrepancy:उत्तर प्रदेश में 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़ी आरक्षण विसंगति के समाधान की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। राजधानी लखनऊ के निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक, उनका आंदोलन पिछले 46 दिनों से चल रहा है। अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने अब निदेशक बेसिक के कार्यालय में धरना देकर विरोध तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारी अधिकारियों से वार्ता करने और लंबे समय से उठाई जा रही मांगों का समाधान निकालने की मांग पर अड़े हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आरक्षण विसंगति के समाधान की मांग

68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़ा आरक्षण का मुद्दा अभ्यर्थियों के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से संबंधित विसंगतियों का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। इसी मांग को लेकर वे लगातार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित तथ्यों की समीक्षा की जाए और नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा करने के कारण उनकी परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में वे चाहते हैं कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनें और मामले को आगे बढ़ाने के बजाय उसके निस्तारण की दिशा में ठोस पहल करें। हालांकि, आरक्षण विसंगति के संबंध में अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए सभी बिंदुओं और विभागीय रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

लखनऊ के निशातगंज स्थित SCERT मुख्यालय में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तेज   (फोटो सोर्स :Election Commission )

46 दिनों से जारी है आंदोलन

अभ्यर्थियों के अनुसार, न्याय की मांग को लेकर उनका धरना पिछले 46 दिनों से जारी है। इतने लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारियों के साथ सार्थक वार्ता नहीं होती और मांगों के समाधान की दिशा में स्पष्ट कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य संबंधित विभाग तक अपनी बात पहुंचाना और भर्ती से जुड़े विवाद का समाधान हासिल करना है। आंदोलन के दौरान वे अधिकारियों से सीधे संवाद स्थापित करने पर जोर दे रहे हैं। अभ्यर्थियों की नजर अब इस बात पर है कि विभाग उनकी मांगों पर कब और किस तरह प्रतिक्रिया देता है।

निदेशक बेसिक के कार्यालय में धरना

आंदोलन के बीच अभ्यर्थियों ने SCERT मुख्यालय में निदेशक बेसिक के कार्यालय में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि संबंधित अधिकारी उनसे वार्ता करें और आरक्षण विसंगति से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करें। अभ्यर्थियों का मानना है कि आमने-सामने बातचीत के माध्यम से उनकी समस्याओं को समझा जा सकता है और समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। कार्यालय में धरने के जरिए अभ्यर्थी अपनी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल आश्वासन मिलने के बजाय उन्हें ऐसी कार्रवाई चाहिए, जिससे मामले के निस्तारण की दिशा स्पष्ट हो सके। फिलहाल, अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच वार्ता हुई है या नहीं तथा विभाग की ओर से कोई औपचारिक निर्णय लिया गया है या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण के मुद्दे पर न्याय मिलना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से वे लगातार धरना दे रहे हैं और विभागीय अधिकारियों से बातचीत की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की रणनीति फिलहाल अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाने और संबंधित अधिकारियों से संवाद स्थापित करने पर केंद्रित दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि जब तक मामले में ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त करने पर विचार करना मुश्किल होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में विभाग की प्रतिक्रिया और अभ्यर्थियों के साथ होने वाली संभावित वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विभागीय निर्णय पर टिकी निगाहें

68,500 शिक्षक भर्ती की आरक्षण विसंगति को लेकर जारी आंदोलन अब 46 दिनों तक पहुंचने के दावे के साथ चर्चा में है। SCERT मुख्यालय में धरना दे रहे अभ्यर्थी निदेशक बेसिक से वार्ता और अपनी मांगों के निस्तारण की अपेक्षा कर रहे हैं। उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि संबंधित विभाग इस मुद्दे पर कब तक स्पष्ट निर्णय लेगा। मामले का समाधान निकालने के लिए अभ्यर्थियों की मांगों, भर्ती से जुड़े अभिलेखों और लागू आरक्षण नियमों के आधार पर तथ्यात्मक समीक्षा जरूरी होगी। इससे विवाद के वास्तविक बिंदुओं को स्पष्ट करने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी उनकी मांगों पर वार्ता करते हैं या मामले में कोई औपचारिक पहल सामने आती है।

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Updated on:
16 Oct 2026 02:20 pm
Published on:
16 Oct 2026 02:20 pm
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