
लखनऊ. यूपी में कोरोना (Coronavirus in UP) संक्रमितों की संख्या चार लाख पार कर गई है। अब तक 4,06,995 लोग कोरोना से प्रभावित हो चुके हैं। इनमें 3,51,966 डिस्चार्ज हो चुके हैं, तो वहीं 49,112 लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। 5917 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। बीते दस दिनों से कोरोना की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। लेकिन ठंड के साथ कोरोना दोबारा घातक हो सकता है। ऐसा कहना है डॉक्टरों का। ठंड के मौसम में प्रदूषण और बढ़ेगा ऐसे में वातावरण में छायी धुंध कोरोना काल में लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है। इस मुख्य कारण वातावरण में मौजूद सूक्ष्म कण हैं, जो वायरस के वाहक बन सकते हैं। ऐसे में लोगों में संक्रमण के प्रसार का खतरा अधिक होगा। साथ ही ठीक हो चुके गंभीर मरीजों में दूषित हवा फेफड़े की समस्या उभार सकती है।
केजीएमयू के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने इस मामले में कहा कि ठंड के मौसम में प्रदूषण कोरोना संक्रमण के प्रसार व मरीजों की गंभीरता भी बढ़ा सकता है। कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट के संपर्क में आने पर दूसरे व्यक्ति में पहुंचता है। वहीं, प्रदूषण बढ़ने पर यही ड्रॉपलेट वातावरण में मौजूद सूक्ष्मकण (पीएम 2.5) पर आ जाएंगी। व्यक्ति के सांस लेते वक्त 2.5 कण के साथ वायरस के भी शरीर में पहुंचने का खतरा रहता है। लिहाजा, प्रदूषण के नियंत्रण को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों का मास्क पहनना आवश्यक है। प्रदूषण वैसे भी सेहत के लिए नुकसानदेह है। यह अस्थमा, सीओपीडी व हार्ट समेत कई रोगियों में खतरा बढ़ाता है।