
UP Weather Alert:उत्तर प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के लखनऊ, संभल और बाराबंकी समेत 20 शहरों में जोरदार बारिश हो रही है। शामली में इतनी बारिश हुई कि सड़कें पूरी तरह से तालाब बन गई हैं। राजधानी लखनऊ में भी इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 66 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है जिनमें से 29 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेश की सभी प्रमुख नदियां उफान पर आ गई हैं। बाराबंकी और अयोध्या में घाघरा, बदायूं और बलिया में गंगा, लखीमपुर में शारदा, प्रयागराज में टोंस और चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे भयानक हालात पैदा हो गए हैं और करीब एक लाख से ज्यादा लोग इससे सीधे तौर पर प्रभावित हैं।
धर्मनगरी वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट पूरी तरह से डूब गए हैं। नमो घाट भी पूरी तरह जलमग्न है। अस्सी घाट पर जहां पहले दुकानें लगा करती थीं वहां अब नावें चल रही हैं। विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती अब मजबूरी में छतों पर कराई जा रही है। शहर के करीब 100 छोटे बड़े मंदिरों में गंगा का पानी घुस गया है। हालात इतने खराब हैं कि हरिश्चंद्र घाट पर गलियों और सीढ़ियों में जबकि मणिकर्णिका घाट पर छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ की आशंका वाले 176 गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए 35 नई पुलिस चौकियां स्थापित की हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 36 सदस्यीय NDRF टीम, PAC होमगार्ड और 100 प्रशिक्षित गोताखोरों की विशेष तैनाती की गई है। इसके साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। फिलहाल कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 114 मीटर के बेहद करीब पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 115 मीटर पर है। वहीं शुक्लागंज में भी जलस्तर 112 मीटर को पार कर गया है जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
तीर्थराज प्रयागराज में गंगा और यमुना विकराल रूप ले चुकी हैं। रसूलाबाद से नागवासुकी मंदिर तक जाने वाली रिवर फ्रंट रोड पूरी तरह डूब गई है और गंगा का पानी प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान मंदिर के कॉरिडोर तक पहुंच गया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई है। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
चित्रकूट में हालात बेकाबू हो गए हैं। मंदाकिनी नदी का पानी बाजार और सड़कों तक पहुंच गया है जिससे वहां नावें चलने लगी हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। उधर मिर्जापुर में भी गंगा अपने रौद्र रूप में बह रही है और विंध्याचल धाम के घाट पूरी तरह डूब गए हैं। इसके अलावा कानपुर में पांडु नदी के उफान से बर्रा इलाके के घरों में पानी भर गया है। वहीं बहराइच की चार तहसीलों में ग्रामीण बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
प्रदेश में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण घाघरा, सरयू, गंगा, शारदा, टोंस और मंदाकिनी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। मौसम जानकारों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 अगस्त तक प्रदेश भर में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहने का अनुमान है। प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।