
UP RERA QPR Filing Deadline 31October: उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (क्वार्टरली प्रोग्रेस रिपोर्ट यानी QPR) दाखिल करने की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी है। अब संबंधित प्रमोटर्स 31 अक्टूबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट यूपी-रेरा पोर्टल पर जमा कर सकेंगे। इससे पहले प्राधिकरण ने रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 निर्धारित की थी। डिजिटल हस्ताक्षर आधारित नई व्यवस्था को लागू करने और रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से यह अतिरिक्त समय दिया गया है।
प्राधिकरण की ओर से समय सीमा में किए गए इस विस्तार से उन प्रमोटर्स को राहत मिलेगी, जिन्हें नई डिजिटल प्रक्रिया के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र तैयार कराने और उन्हें पोर्टल पर जमा करने की औपचारिकताएं पूरी करनी हैं। नई व्यवस्था में केवल QPR दाखिल करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इसके साथ निर्धारित प्रमाणपत्रों पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से हस्ताक्षर कराना भी अनिवार्य किया गया है।
यूपी-रेरा के अंतर्गत संबंधित परियोजनाओं की प्रगति से जुड़ी जानकारी निर्धारित अंतराल पर प्रस्तुत करना प्रमोटर्स की जिम्मेदारी है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की QPR भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस रिपोर्ट के माध्यम से परियोजना की प्रगति से संबंधित निर्धारित विवरण प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। प्राधिकरण ने पहले रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर तक बढ़ाई थी, लेकिन डिजिटल हस्ताक्षर आधारित प्रक्रिया को अपनाने के लिए प्रमोटर्स और संबंधित पेशेवरों को अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से अब नई समय सीमा 31 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। ऐसे में संबंधित प्रमोटर्स को निर्धारित तारीख तक रिपोर्ट और उसके साथ आवश्यक प्रमाणपत्र जमा करने होंगे।
नई व्यवस्था के तहत QPR के साथ जमा किए जाने वाले तीन निर्धारित प्रमाणपत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करना आवश्यक है। इनमें आर्किटेक्ट की ओर से जारी REG-1, इंजीनियर की ओर से जारी REG-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की ओर से जारी REG-3 प्रमाणपत्र शामिल हैं। इन प्रमाणपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार DSC के माध्यम से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित करके यूपी-रेरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस व्यवस्था में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। प्रमोटर्स को इन तीनों पेशेवरों से संबंधित प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में प्राप्त करने होंगे। इसके बाद यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी प्रमाणपत्रों पर आवश्यक डिजिटल हस्ताक्षर मौजूद हों और उन्हें QPR के साथ सही तरीके से पोर्टल पर जमा किया जाए।
यूपी-रेरा द्वारा QPR के साथ आवश्यक प्रमाणपत्रों को DSC के माध्यम से हस्ताक्षरित कर जमा करने की व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। इस बदलाव के चलते प्रमोटर्स के साथ-साथ संबंधित आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी नई प्रक्रिया अपनानी है। नई व्यवस्था के तहत तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा करना, डिजिटल हस्ताक्षर सुनिश्चित करना और दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
नई प्रणाली अपनाने के दौरान संबंधित पक्षों को प्रक्रिया समझने, आवश्यक डिजिटल औपचारिकताएं पूरी करने और प्रमाणपत्रों को निर्धारित तरीके से जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने समय सीमा में पहले 21 अक्टूबर तक विस्तार किया था। अब इसे बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है, जिससे संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था के अनुरूप तैयारियां पूरी करने का अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा।
प्राधिकरण की ओर से दी गई अतिरिक्त समय सीमा का लाभ उठाने के लिए प्रमोटर्स को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना QPR दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करें। रिपोर्ट के साथ REG-1, REG-2 और REG-3 प्रमाणपत्रों की उपलब्धता और उन पर डिजिटल हस्ताक्षर की स्थिति पहले ही सुनिश्चित कर लेना जरूरी होगा। किसी प्रमाणपत्र के अधूरे रहने या डिजिटल हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी नहीं होने से रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
प्रमोटर्स को यह भी ध्यान रखना होगा कि केवल रिपोर्ट तैयार कर लेना पर्याप्त नहीं है। नई व्यवस्था के तहत सभी निर्धारित प्रमाणपत्रों को आवश्यक डिजिटल हस्ताक्षर के साथ पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसलिए संबंधित पेशेवरों के साथ समन्वय बनाकर दस्तावेज समय से तैयार कराना उपयोगी रहेगा।
DSC आधारित प्रमाण पत्रों को जमा करने की प्रक्रिया और इससे जुड़े तकनीकी दिशा-निर्देश यूपी-रेरा पोर्टल पर उपलब्ध हैं। प्रमोटर्स और संबंधित पेशेवर इन निर्देशों के अनुसार प्रमाण पत्र तैयार करने, डिजिटल हस्ताक्षर करने और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, QPR दाखिल करने की अंतिम तिथि को 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने से प्रमोटर्स को नई डिजिटल व्यवस्था अपनाने के लिए अतिरिक्त समय मिला है। अब संबंधित पक्षों को निर्धारित समय सीमा के भीतर 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की रिपोर्ट के साथ तीनों आवश्यक प्रमाणपत्र जमा करने होंगे। समय पर रिपोर्ट दाखिल करने और डिजिटल हस्ताक्षर संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने से प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न किया जा सकेगा।