लखनऊ

भाजपा सांसद के विवादित बयान पर हंगामा, आईएएस एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

Uproar Over Statement:भाजपा सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के विवादित बयान पर हंगामा मचा हुआ है। उन्होंने अवैध खनन का मामला संसद में उठाया था। उसके बाद मीडिया में एक विवादित बयान दिया था, जिससे आईएएस एसोसिएशन गुस्से में है। राज्य में अन्य संगठनों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
2 min read
Mar 31, 2025
There is anger in IAS Association due to controversial statement of MP and former CM Trivendra Rawat
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत

Uproar Over Statement:पूर्व सीएम और मौजूदा भाजपा सांसद त्रिवेंद्र रावत ने बीते दिनों संसद में उत्तराखंड में अवैध खनन का मामला जोरशोर से उठाते हुए इसे रोकने के लिए कड़े प्रयास करने की मांग उठाई थी। इस पर उत्तराखंड के खनन सचिव ने राज्य में अवैध खनन नहीं होने की बात कही थी। सांसद द्वारा संसद में उठाए गए सवाल और राज्य के खनन सचिव के जवाब को लेकर मीडिया ने सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत से सवाल किया था। मीडिया कर्मियों के सवाल के जवाब में सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा था कि ‘कुत्ते कभी शेर का शिकार नहीं करते’। त्रिवेंद्र सिंह रावत का ये बयान इन दिनों सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रहा है। हालांकि त्रिवेंद्र रावत ने शेर किसे और कुत्ता किसे कहा ये बात स्पष्ट नहीं है। लेकिन इस बयान पर उत्तराखंड में हंगामा मचा हुआ है। त्रिवेंद्र रावत के उस बयान से आईएएस एसोसिएशन काफी गुस्से में है। रविवार को एसोसिएशन की बैठक में बयान को आत्मसम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला बताया। एसोसिएशन सचिव दिलीप जावलकर ने जारी पत्र में कहा कि कहा कि एसोशिएसन किसी भी प्रकार की आलोचना, असहमति, निंदा को एसोसिएशन आत्म सुधार के तौर पर लेती है। एसोशिएसन समाज के सभी पक्षों से एसोशिएसन और उसके सदस्यों के प्रति व्यक्ति की गरिमा, आत्मसम्मान के अधिकार को अक्षुण्ण बनाए रखने को सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा करता है।

सीएम को सौंपेंगे ज्ञापन

भाजपा सांसद के विवादित बयान पर आईएएस एसोसिएशन में चर्चा हुई। एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में पूर्व सीएम के बयान पर चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने अपनी बात रखी। इसके बाद एसोसिएशन की ओर से एक पत्र जारी किया गया। इसमें कहा गया कि एसोसिएशन के सदस्यों को भी आम नागरिकों की भांति आत्म सम्मान, प्राप्त है। किसी भी व्यक्ति, पदाधिकारी, संस्था, संगठन को ऐसे बयानों, संकेतों से बचना चाहिए, जिससे एसोसिएशन के सदस्यों, उनके परिवार का आत्मसम्मान आहत होता हो। तय हुआ कि इस संबंध में सीएम और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा

Published on:
31 Mar 2025 08:06 am