
Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में प्रयागराज में माफिया के पुराने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था, जब एक माफिया पर कोई कानून लागू नहीं होता था। उसके सामने मुख्यमंत्री, गवर्नर और जस्टिस तक के पदों का कोई मायने नहीं था। योगी ने कहा कि माफिया का काफिला निकलने पर पहले उसे रास्ता दिया जाता था और वह जिस जमीन पर पैर रख देता था, वह उसकी हो जाती थी। उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में ‘रूल ऑफ माफिया’ था, लेकिन उनकी सरकार ने ‘रूल ऑफ लॉ’ लागू किया।
मुख्यमंत्री ने कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वकील के लिए सच बोलना, धर्म का पालन करना और लगातार पढ़ाई करते रहना सबसे जरूरी है। उन्होंने कुलपति के दीक्षांत संबोधन में कही गई पंक्ति ‘सत्यं वद। धर्मं चर। स्वाध्यायान्मा प्रमद।’ का जिक्र किया। इसका अर्थ है कि हमेशा सच बोलें, धर्म के अनुसार आचरण करें और पढ़ाई में कभी आलस्य न करें। योगी ने कहा कि एक वकील के लिए इससे बेहतर संदेश नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम मान लें कि हमारा केस नंबर 2047 है और उसका विषय विकसित भारत है, तो इस मामले में 140 करोड़ भारतीय याचिकाकर्ता हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर विद्यार्थियों को इन लोगों की ओर से विकसित भारत के पक्ष में दलील देनी हो, तो उनकी क्या भूमिका होगी और विकास के लिए वकील की क्या जिम्मेदारी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए 140 करोड़ लोगों का दावा है। हर दावे को साबित करने के लिए तथ्य, साक्ष्य और तर्क जरूरी हैं। इसके लिए एक ईमानदार वकील की जरूरत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब दस साल पहले उत्तर प्रदेश में निवेश की बात करना भी लोगों को बेकार लगता था। उस समय लोगों को लगता था कि प्रदेश में न सुरक्षा की गारंटी है और न ही निवेश के लिए जरूरी सुविधाएं। कनेक्टिविटी की कमी के बावजूद निर्यात की बात होती थी और कोई साफ नीति नहीं थी, फिर भी निवेश पर इंसेंटिव देने की बात की जाती थी। योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी की हालत खराब थी और उसे बीमारू राज्यों में गिना जाता था।
सीएम योगी ने कहा कि साल 2013 में दुनिया भारत को फ्रैजाइल फाइव यानी पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिनती थी। उस समय देश में निवेश की सुरक्षा को लेकर भरोसे की कमी थी और अर्थव्यवस्था किस दिशा में जाएगी, इसे लेकर भी अनिश्चितता थी। उन्होंने कहा कि बीते सालों में भारत ने इस स्थिति से आगे बढ़कर दुनिया की टॉप फाइव अर्थव्यवस्थाओं में जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी मुकदमे में जीत हासिल करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी किसी देश और सरकार के लिए जनता का भरोसा जीतना भी है।