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महिलाओं के लिए खुद का बिजनेस शुरू करना हुआ आसान; इन 5 योजनाओं से मिलेगा सस्ता लोन, कैसे मिलेगा लाभ? समझें पूरी प्रक्रिया

Loan Schemes for Women: केंद्र एवं राज्य सरकारें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए आसानी से लोन मिल रहा है। केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं को किन योजनाओं के तहत लोन दिया जाता है? आइए जानते हैं...
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Jul 18, 2026
Loan schemes for women
उद्यमी महिलाओं के लिए सरकारी ऋण योजनाएं (सांकेतिक इमेज-AI)

Business Loan for Women: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं। महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने के लिए सरकार की ओर से आसान शर्तों पर बिना गारंटी वाला लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। उद्यमी महिलाओं को प्रोत्साहित करने (Encouraging Women Entrepreneurs) के लिए सरकार सब्सिडी का लाभ भी दे रही है। देश में पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में काफी वृद्धि हुई है। यह बदलाव भारत की आर्थिक प्रगति में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

उद्यम पंजीकरण पोर्टल (Udyam Registration Portal) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में महिलाओं के नेतृत्व वाले MSMEs की संख्या 3 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है, जो कुल पंजीकृत उद्यमों का लगभग 40% है। ASUSE 2025 सर्वेक्षण भी पुष्टि की है कि महिला-स्वामित्व वाले अनौपचारिक उद्यमों का हिस्सा बढ़कर 27% हो गया है, खासकर विनिर्माण क्षेत्र में जहां यह 60% से अधिक है। सरकार ने इस गति को बनाए रखने के लिए विशेष बिजनेस लोन स्कीम्स, प्रशिक्षण और क्रेडिट सुविधाएं शुरू की हैं। ये सरकारी योजनाएं महिला उद्यमियों को वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित कर रही हैं।

महिला उद्यमियों के लिए टॉप-5 बिजनेस लोन योजनाएं

1- मुद्रा योजना (PMMY): यह योजना छोटे उद्यमों के लिए काफी मददगार है। इस योजना के तहत लोन लेने के लिए किसी संपत्ति को गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं है। मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपए तक (2026 में Tarun Plus के तहत 20 लाख तक) का लोन देती है। PMMY योजना के तहत दिए जाने वाले लोन को 3 श्रेणियों में बांटा गया है- शिशु (50,000 तक), किशोर (5 लाख तक) और तरुण के लिए 10 लाख तक देने की योजना है। योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है और अक्सर कम ब्याज दर का लाभ मिलता है। लाखों महिलाएं इस योजना के जरिए हस्तशिल्प, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग या छोटे रिटेल बिजनेस शुरू कर रही हैं।

2- स्टैंड-अप इंडिया: इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और SC/ST समुदाय को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। हर बैंक शाखा कम से कम एक महिला उद्यमी को 10 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का लोन देती है। यह मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस या ट्रेडिंग सेक्टर में नए ग्रीनफील्ड उद्यम के लिए उपयुक्त है। इस स्कीम के तहत लोन लेने के लिए 51% महिला स्वामित्व अनिवार्य है और मोरेटोरियम पीरियड के साथ 7 साल तक की चुकौती अवधि मिलती है।

3- महिला कोयर योजना: कोयर उद्योग से जुड़ी महिलाओं के लिए यह विशेष योजना है। इसमें स्किल ट्रेनिंग, मशीनरी पर 75% सब्सिडी और प्रोजेक्ट लागत पर 25% मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह स्कीम ग्रामीण महिलाओं को कोयर उत्पादन, हैंडीक्राफ्ट और संबंधित व्यवसायों में आत्मनिर्भर बनाती है।

4- उद्यम शक्ति (Udyam Shakti/Udyam Sakhi): MSME मंत्रालय की यह पहल महिलाओं को बाजार पहुंच, मेंटरशिप, बिजनेस प्लानिंग और स्किल डेवलपमेंट में सहायता देती है। सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख और अन्य उद्यमों के लिए 25 लाख तक का समर्थन उपलब्ध है। यह पोर्टल के जरिए योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराता है।

5- सीजीटीएमएसई (CGTMSE): SIDBI और MSME मंत्रालय की यह पहल सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों को बिना गिरवी 2 करोड़ रुपए तक (2025-26 अपडेट में 10 करोड़ तक) का लोन सुनिश्चित करती है। इस योजना में महिलाओं के लिए 90% क्रेडिट गारंटी कवरेज मिलता है। लोन मंजूरी प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता पर आधारित होती है, जो नए उद्यमियों के लिए बड़ी राहत है।

आर्थिक प्रभाव और चुनौतियां

सरकार द्वारा चलाई जा रही ऋण योजनाएं न सिर्फ व्यक्तिगत सशक्तिकरण कर रही हैं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं। महिला-स्वामित्व वाले उद्यम अधिक महिलाओं को रोजगार देते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं। GeM पोर्टल पर ‘Womaniya’ पहल के तहत महिलाओं को हजारों करोड़ के ऑर्डर मिल चुके हैं। हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। महिलाओं के सामने मार्केटिंग स्किल्स की कमी, डिजिटल ज्ञान और कभी-कभी जागरूकता का अभाव जैसी समस्याएं आती हैं।

कैसे मिलेगा लोन?

महिलाओं को अपना बिजनेस शुरू या विस्तार करने के लिए लोन लेना काफी आसान है। महिलाएं लोग से संबंधित जानकारी के लिए udyam.gov.in, myScheme पोर्टल या नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क कर सकती हैं। Udyam रजिस्ट्रेशन फ्री और आसान है, जो अधिकांश योजनाओं के लिए अनिवार्य है। सरकार की इन पहलों के साथ महिला उद्यमिता न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत का आधार बन रही है, बल्कि समावेशी विकास का मजबूत स्तंभ भी बन रही हैं। सही योजना, मेहनत और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से हर महिला अपना सपना साकार कर सकती हैं।

महिलाओं के लिए राज्य सरकारों की योजनाएं

केंद्र के अलावा राज्य सरकार द्वारा भी महिला उद्यमियों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में सरकारी योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं के तहत मिलने वाली लोन राशि और पात्रता अलग-अलग हो सकती है।

राजस्थान सरकार योजना: महिला उद्यमियों के लिए राजस्थान सरकार इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (IMSUPY) चला रही है। इसके तहत उद्यमी महिलाओं को व्यक्तिगत तौर पर ₹50 लाख तक का लोन एवं स्वयं सहायता समू के तहत ₹1 करोड़ तक का लोन दिया जाता है। इस योजना में रिटेल या होलसेल व्यापार के लिए अधिकतम लोन सीमा ₹10 लाख तक है। इस योजना में सामान्य वर्ग की महिलाओं को 25% और अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवा या दिव्यांग महिलाओं को 30% तक की सब्सिडी (मार्जिन मनी) सरकार द्वारा दी जाती है।

मध्य प्रदेश सरकार की योजनाएं: MP में महिलाओं के लिए विशेष रूप से 2 मुख्य योजनाएं प्रभावी हैं।
1- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना: इस योजना के तहत नए मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) कार्य के लिए ₹1 लाख से ₹50 लाख तक और सर्विस (सेवा) क्षेत्र के लिए ₹1 लाख से ₹25 लाख तक का लोन मिलता है। इसमें महिलाओं को ब्याज दर पर 6% प्रति वर्ष की सब्सिडी मिलती है।

2- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना: इस योजना के तहत ₹50,000 से ₹10 लाख तक का लोन लिया जा सकता है। स्कीम के तहत महिला उद्यमियों के लिए इसमें परियोजना लागत का 30% (अधिकतम ₹2 लाख) मार्जिन मनी सहायता और 6% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी शामिल है।

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना: UP सरकार महिला समृद्धि योजना (MSY) व राज्य MSME नीतियों के तहत योजना चला रही है। इन योजनाओं के तहत माइक्रो-फाइनेंसिंग के तहत छोटे उद्योगों और क्राफ्ट वर्क के लिए महिलाओं को ₹1.40 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इन योजनाओं के अलावा UP में केंद्र सरकार के समन्वय से स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को ₹50,000 से लेकर ₹1 करोड़ तक के बिना गारंटी (Collateral-Free) वाले लोन प्राथमिक आधार पर दिए जाते हैं।

बिहार सरकार की योजना: बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना चला रही है। इसमें नया व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह बिहार सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसमें कुल ₹10 लाख में से 50% (₹5 लाख) सीधे अनुदान (सब्सिडी) के रूप में मिलता है, जिसे वापस नहीं करना होता है। बाकी बचे ₹5 लाख पर 0% ब्याज (ब्याज मुक्त) होता है, जिसे 84 किस्तों में चुकाना होता है।

दिल्ली सरकार की योजना: राजधानी में राज्य स्तर पर सीधे बड़े लोन की जगह दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड और राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं को प्रमुखता से लागू किया जाता है। यहां महिला उद्यम निधि योजना (SIDBI के माध्यम से) व मुद्रा योजना लोन राशि योजनाएं चल रही हैं। महिला उद्यम निधि योजना के तहत छोटे और लघु उद्योगों (जैसे ब्यूटी पार्लर, डे-केयर, बुटीक आदि) के लिए ₹10 लाख तक का लोन मिलता है। दिल्ली में रहने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Shishu, Kishore, Tarun) के जरिए भी दिल्ली के बैंकों से बिना किसी गारंटी के ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक का व्यापार लोन आसानी से ले सकती हैं।

Updated on:
18 Jul 2026 05:50 pm
Published on:
18 Jul 2026 03:44 pm