मथुरा

यमुना में मौत का मंजर: 13 श्रद्धालुओं की जा चुकी जान, अब भी तीन लापता… रोते-बिलखते परिजन घाटों पर डटे

वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अब तक 13 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं। घाटों पर परिजन रोते-बिलखते अपने अपनों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं बचाव टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।

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Apr 12, 2026
घाटों पर जुटे परिजन फोटो सोर्स वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट

वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक मोटरबोट हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। रविवार सुबह लापता लोगों में से दो के शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। जबकि तीन श्रद्धालु अब भी लापता हैं। तेज बहाव और गहराई के बीच टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं। हादसे के बाद कई परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

वृंदावन में शुक्रवार को यमुना नदी में हुए भीषण मोटरबोट हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे के बाद से लापता श्रद्धालुओं की तलाश लगातार जारी है। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किए गए। जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। हालांकि, तीन लोग अब भी लापता हैं। जिनकी खोज में टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

एक शव घटना स्थल से 3 किलोमीटर दूर मिला

प्रशासन के अनुसार, एक युवक का शव हादसे की जगह से करीब तीन किलोमीटर दूर अक्रूर घाट के पास मिला। जिसकी पहचान ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। वहीं एक महिला का शव देवरहा बाबा घाट के नजदीक बरामद हुआ है। जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। लापता अन्य लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।

रोते- बिलखते परिजन अपनों की तलाश में वृंदावन यमुना घाट पर डटे

इस हादसे ने सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर डाला है। जिनके अपने अब तक लापता हैं। पंजाब के लुधियाना और जगरांव से आए कई श्रद्धालु इस हादसे का शिकार हुए। परिजन अपने अपनों की तलाश में वृंदावन पहुंच चुके हैं। और घाटों पर बैठकर हर पल किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लापता लोगों की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। जहां लोग उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।

20 किलोमीटर के दायरे में चल रहा सर्च अभियान तीन अभी लापता


बचाव कार्य को तेज करने के लिए यमुना नदी को केसी घाट से गोकुल बैराज तक सात हिस्सों में बांट दिया गया है। करीब 20 किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। इसमें स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें शामिल हैं।

प्रत्येक घाट पर चार टीमें चला रही सर्च अभियान

अधिकारियों के मुताबिक, यमुना का तेज बहाव और गहराई राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन रहे हैं। हर घाट पर तीन से चार टीमों को लगाया गया है। खासतौर पर देवरहा बाबा घाट के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद लेने की भी तैयारी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद वृंदावन के घाटों पर सन्नाटा पसरा है। हर तरफ सिर्फ इंतजार, आंसू और दुआओं का माहौल है।

Published on:
12 Apr 2026 10:50 am
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