मामूली विवाद को लेकर भाजपा विधायक संगीत सोम और उनके समर्थकों ने जमकर बबाल किया। भाजपाइयों के हंगामे से मेरठ के सरधना में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी भी तैनात की गई है।
दरअसल खाने के रुपए मांगने पर होटल मालिक के साथ मारपीट मामले में पकडे़ गए युवकों को छुड़ाने के लिए भाजपा विधायक व पुलिस आमने-सामने आ गए। भाजपा विधायक संगीत सोम अपने समर्थकों साथ सड़क पर उतर आए। मामला गंभीर होते देख पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा घंटों के हंगामे और धरना प्रदर्शन के बाद विधायक की मांग के चलते एसपी देहात को थाना प्रभारी व एसएसआई को हटाए जाने की घोषणा करनी पड़ी। जिसके बाद मामला शान्त हुआ। विधायक ने अधिकारियों को न हटाए जाने पर दो दिन के बाद हजारों समर्थकों के साथ फिर से सड़क पर उतरने की भी चेतावनी दी है।
आपको बता दें की गांव भंभौरी के तीन लोग खाना खाने के लिए दिल्ली दरबार होटल पर पहुंचे थे। जहां तीनों ने जमकर शराब पी और खाना खाकर बिना बिल चुकाए वहां से चलने लगे जब होटल मालिक ने खाने के रूपये मांगे तो उक्त युवकों ने होटल मालिक के साथ गाली-गलोच करते हुए मारपीट की होटल मालिक ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। जिसके बाद उक्त युवक वहां से चल दिए होटल से कुछ दूरी पर वे आपस में भिड़ गए इस दौरान पुलिस वहां पहुंच गई और तीनों पकड़कर थाने ले आई।
इसके बाद विधायक संगीत सोम ने युवकों को छुड़ाने की पैरवी कि तो उनकी थानेदार से नोंकझोंक हो गई। जिस पर विधायक ने पुलिस के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच कुछ विधायक समर्थकों ने होटल में आग लगाने की बात कह जिसकी भनक पुलिस को लग गई। विधायक संगीत सोम अपने सैकड़ों समर्थको के साथ पुलिस व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने कार्यालय से निकल पड़े।
भीड़ को होटल वाले रास्ते की और जाते देख पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने मामला गंभीर देख विधायक को कुछ दूरी पर जाकर रोक लिया और बात-चीत के जरिये मामला निपटाने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को जमकर खरी-खोटी सुनाई तो दोनों में जमकर नोंक-झोंक हुई भीड़ पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ गई और पुलिस चौकी पर जाकर जाम लगा दिया।
यहां विधायक सड़क के बीचों-बीच बैठ गए कुछ देर बाद एसपी देहात ने फिर से मामले को निपटाने की बात कही जिस पर विधायक ने प्रभारी व एसएसआई को तुरन्त हटाने की मांग की। जिस पर एसपी देहात ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद विधायक ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया। विधायक ने कहा की यदि उनके साथ धोखा हुआ तो वह दो दिन बाद हजारों लोगों के साथ सड़क पर उतरेंगे।