
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को अंतिम विदाई देने के लिए उनके घर पर कल रात से ही दिग्गजों का तांता लगा हुआ थे। देश और दुनिया से कई बड़ी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसी बीच अटल जी को श्रद्धांजलि देने स्वामी अग्निवेश भी पहुंचे। लेकिन, उनके साथ बड़ा हादसा हो गया। रास्ते में ही लोगों ने उनके साथ हाथापाई की, जिसके कारण अटल जी को देखे बिना वो वापस लौट गए।
स्वामी अग्निवेश के साथ लोगों ने की मारपीट
स्वामी अग्निवेश ने मीडिया को बताया कि कि मेरी केंद्रीय हर्षवर्धन सिंह से बात हुई। उन्होंने कहा कि मैं कृष्ण मेनन मार्ग नहीं पहुंच पाऊंगा तो हर्षवर्धन ने उनसे कहा कि आप भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय आ जाएं। अग्निवेश ने बताया कि मैं श्रद्धांजलि देने के लिए अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ भाजपा मुख्यालय ही जा रहा था, लेकिन मेरी कार को आईटीओ पर रोक दिया गया। स्वामी अग्निवेश ने आगे बताया कि मैंने दोबारा हर्षवर्धन सिंह को फोन किया। उसी समय लोगों ने मुझसे मार पीट करना शुरू कर दिया, मेरी पगड़ी उतार कर फेंक दी गई। इसके बाद मुझे लात घूसों से मारा गया। उन्होंन कहा कि यह यूपी के पाकुड़ की तरह ही घटना थी। जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुझ पर हमला किया था।
अटल जी की अंतिम यात्रा शुरू
उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। क्योंकि, यह पूरा मामला पुलिस के सामने हुआ और उसके सबूत भी हैं। फिलहाल, अटल जी का बिना दर्शन किए स्वामी अग्निवेश को वापस लौटना पड़ा है। इधर, अटल जी की अंतिम विदाई शुरू हो चुकी है। अटल जी की अंतिम यात्रा में पूरा जनसैलाब उमड़ पड़ा है। खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस यात्रा में पैदल चल रहे हैं। अटल जी के जाने से पूरा देश गम में डूबा हुआ है।