
अमृतसर। खुफिया एजेंसियों की चेतावनी के बाद भी रविवार को अमृतसर के राजासांसी गांव में स्थित निरंकारी भवन पर ग्रेनेड से हमला हुआ। इस हमले में मौके पर तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हादसे वाली जगह का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने इस हमले को सीधा आंतकवादी हमला करार दिया है। साथ ही उन्होंने जल्द ही आरोपियों को पकड़े जाने का आश्वासन दिया है।
जल्द आरोपियों को पकड़े जाने का दिया आश्वासन
हादसे वाली जगह का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि जांच एजेंसियां इस हमले की बारिकी से जांच कर रही हैं, जिसमें अभी तक कई अहम सुराग मिल गए हैं और बहुत जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
मृतकों और घायलों को मुआवजे का ऐलान
सीएम अमरिंदर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'यहां जो घटना घटित हुई है, उसे हम बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। इस मामले की पूरी जांच की जा रही है। यह साफ तौर पर आतंकवाद का मामला है। घटना के बारे में कुछ लीड भी मिली हैं, जिन पर काम किया जा रहा है। हमें यकीन है कि जल्द से जल्द हमलावरों की धरपकड़ कर ली जाएगी।' इसके साथ ही सीएम अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।
हमले के पीछे ISI के समर्थन होने पर क्या बोले कैप्टन?
सीएम से जब इस दौरान पूछा गया कि क्या इस हमले के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है तो उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि पंजाब में जैश के कुछ छिपे हुए हैं, उसके बाद से ही हम अलर्ट पर थे। हालांकि इससे पहले रविवार को ही कैप्टन ने कहा था कि इस हमले के पीछे ISI समर्थित खालिस्तानी या फिर कश्मीरी आतंकी संगठन का हाथ हो सकता है।
आपको बता दें कि रविवार को राजासांसी इलाके में बाइकसवार दो हमलावरों ने भीड़ पर ग्रेनेड फेंक दिया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।