इलाके के एसडीएम ने की भूकंप के झटकों की पुष्टि, हालांकि किसी के जान-माल के नुकसान की नहीं है खबर
शिमला: सियासी भूचाल के बीच शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में हकीकत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुक्रवार सुबह हिमाचल के मंडी और कुल्लू में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है। हालांकि अभी तक इस भूकंप में किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
7-8 मिनट तक लगे झटके
वहीं इस भूकंप के बाद इलाके के लोग अपने घरों से बाहर दिखाई दिए और लोगों के चेहरों पर दहशत साफ नजर आ रही थी। लोगों ने बताया कि करीब 7 से 8 मिनट तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। इलाके के एसडीएम करसोग हितेश ने भी भूकंप के झटकों की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने किसी तरह के कोई नुकसान से इनकार किया है।
2 अक्टूबर को भी चंबा में आया था भूकंप
मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि ये भूकंप सुबह 8 बजे के करीब आया है और इसका केंद्र भी हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला ही था। आपको बता दें कि बीते 2 अक्टूबर को भी हिमाचल प्रदेश के चंबा में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि उसमें भी किसी के जान-माल के नुकासन की खबर नहीं थी।
कांगड़ा में 20,000 लोगों की गई थी जान
हिमाचल प्रदेश के इतिहास में अभी तक का सबसे भयानक भूकंप 1905 में आया था, जब कांगड़ा में सबसे ज्यादा तबाही मची थी और 20,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
क्यों आता है भूकंप ?
ये हर कोई जानता है कि धरती के नीचे मौजूद प्लेट्स के टकराने से भूकंप आता है। आपको बता दें कि ये प्लेट्स हमेशा मूव करती रहती हैं और आपस में टकराने से ही भूकंप आता है। जिस जोन में ये टकराती हैं वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं, जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।