विविध भारत

संविधान दिवस पर बाबा साहेब को नमन: पीएम मोदी ने कहा- महान लोगों के शानदार योगदान को याद करने का दिन

भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का वक्त लगा था।
2 min read
• •
Updated: 26 Nov 2018, 12:18 PM IST
BABA ambedkar
Video: जम्मू कश्मीर की डल झील को बनाया जा रहा है और खूबसूरत, हो रही है सफाई

नई दिल्ली। किसी भी लोकतंत्र में एक किताब होती है जिसके हिसाब से देश चलता है उसे संविधान कहा जाता है। आज भारत में संविधान दिवस मनाया जा रहा है। संविधान दिवस में देश में जहां ढेरों कार्यक्रम हो रहे हैं, वहीं राजनैतिक शख्यितें डॉ. भीम राव आंबेडकर को याद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान दिवस को लेकर ट्वीट में लिखा, " संविधान दिवस पर हम गर्व के साथ हमारे संविधान सभा में सेवा करने वाले महान लोगों के शानदार योगदान को याद करते हैं। हमें हमारे संविधान पर गर्व है। संविधान में शामिल मूल्यों को बनाए रखने के लिए हमारी प्रतिबद्धता दोहराई जाती है"। पीएम मोदी ने इस ट्वीट के साथ मन की बात कार्यक्रम की एक क्लिप भी शेयर की। जिसमें उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब को याद किया। पीएम मोदी ने कहा, "26 नवंबर को संविधान दिवस है। उन महान विभूतियों को याद करने का दिन जिन्होंने हमारा संविधान बनाया। संविधान सभा देश की महान प्रतिभाओं का संगम थी। उन महापुरुष के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता जो संविधान सभा के केंद्र में रहे। ये महापुरुष थे पूजनीय डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर। पीएम मोदी ने कहा, "मैं सभी देशवासियों की ओर से बाबा साहब को नमन करता हूं जिन्होंने करोड़ों भारतीयों को सम्मान से जीने का अधिकार दिया।

उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने भी संविधान दिवस पर डॉ. बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर को नमन किया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी संविधान सभा के सदस्यों को याद करते हुए डॉ अंबेडकर को नमन किया।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लिखा कि संविधान दिवस के अवसर पर देश को एक प्रगतिशील और लोकतांत्रिक संविधान देने वाले आदरणीय बाबासाहेब आंबेडकर को नमन। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार 'सबका साथ-सबका विकास' के मूलमंत्र के साथ बाबासाहेब के सपने के भारत को चरितार्थ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

बता दें कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है, जिसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन शामिल हैं। यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं। इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का वक्त लगा था।

Updated on:
26 Nov 2018, 12:18 PM IST
Published on: