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प्रकाश पर्व: मोदी सरकार का सिख समुदाय को तोहफा, गुरदासपुर-करतारपुर साहिब कॉरिडोर को मिली मंजूरी

माना जा रहा है कि अगले एक साल के अंदर करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
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Updated: 22 Nov 2018, 2:34 PM IST
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरु नानक देव जी की 549वीं जयंती से पहले सिख समुदाय के लोगों के लिए एक बड़ा ऐलान कर दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पंजाब के गुरदासपुर से करतापुर साबिब तक कॉरिडोर निर्माण वाली योजना को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को इसका ऐलान किया। अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'कैबिनेट ने गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर कॉरिडोर को बनाने और उसके विकास के लिए मंजूरी दी है।' आपको बता दें कि करतापुर में ही सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी ने 18 साल बिताए थे।

2019 तक करतारपुर कॉरिडोर का काम हो जाएगा पूरा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में सरकार ने गुरू नानक जी की 550 वीं जयंती का जश्न मनाने का फैसला किया है और ये ऐलान भी उसी को ध्यान में रखते हुए किया गया है। माना जा रहा है कि साल 2019 तक गुरदासपुर-करतारपुर साहिब कॉरिडर का निर्माण हो जाएगा। सबसे पहले पाकिस्तान की तरफ से ही इसका निर्माण होना शुरू होगा। प्रधानमंत्री इमरान खान खुद इसकी शुरुआत करेंगे। 2019 में ही गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती है।

सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा के बाद से शुरू हुई थी इसकी चर्चा

आपको बता दें कि पंजाब सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू जब पाकिस्तान होकर आए थे तो तब से ही करतारपुर साहिब कॉरिडोर की चर्चाएं जोरों पर थी। अब केंद्र सरकार ने इसके निर्माण को मंजूरी दे दी है। अगले एक साल में इस कॉरिडोर का काम पूरा कर लिया जाएगा। आपको बता दें कि इस कॉरिडोर के जरिए करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।

सुल्तानपुर का लोधी शहर बनेगा स्मार्ट सिटी

केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत सरकार पाकिस्तान से भी इस बात की अपील करेगी कि वो अपने क्षेत्र के हिस्से में इसकी सुविधाएं बढ़ाए। सरकार ने इसके अलावा ये भी फैसला किया है कि पंजाब के कपूरथला जिले में आने वाले सुल्तानपुर लोधी शहर को स्मार्ट सिटी के तौर पर डेवलप किया जाएगा। बता दें कि इस शहर को 'पिंड बाबे नानक दा' के नाम से जाना जाता है।

सरकार ने किए अन्य ऐलान

इसके अलावा अमृतसर में भी गुरु नानक के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी, जहां धर्म से जुड़ी पढ़ाई करवाई जाएगी। इस यूनिवर्सिटी का टाइअप अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से किया जाएगा। वहीं रेल मंत्रालय भी गुरु नानक देव से जुड़े स्थानों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएगा। भारत सरकार द्वारा यूनेस्को से अपील की जाएगी कि गुरु नानक के विचारों को सभी भाषाओं में प्रकाशित किया जाए।

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