विविध भारत

सुप्रीम कोर्ट में मुकुल रोहतगी ने मुख्तार को बताया छोटा आदमी, तुषार मेहता ने पंजाब सरकार पर लगाया बचाने का आरोप

तुषार मेहता ने पंजाब सरकार पर बेशर्मी से मुख्तार को बचाने का आरोप लगाया। मुकुल रोहतगी ने कहा - मुख्तार बड़ा आदमी है तो सीएम बना दो।

less than 1 minute read
सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार के मसले पर मुकुल और तुषार के बीच तकरार।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के माफिया विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब से वापस उत्तर प्रदेश भेजने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। मुकुल रोहतगी ने सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी को छोटा आदमी बताया। साथ ही कहा कि यूपी सरकार जान बूझकर उसे परेशान कर रही है।

तुषार ने पंजाब सरकार के रवैये पर कसा तंज

वहीं यूपी सरकार की ओर से सालिसिटर जनरल तुषार मेहता मुख्तार अंसारी के वकील के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि ये इतने छोटे आदमी हैं जिनको बचाने के लिए पूरी पंजाब सरकार बेशर्मी से इनके पीछे खड़ी है। तुषार की बात सुनकर मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर मुख्तार इतना ताकतवर हूं तो मुझे सीएम बना दो।

मुख्तार को यूपी भेजने का निर्देश दे शीर्ष अदालत

यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित दलीलें दाखिल करते हुए कहा कि वह मुख्तार की सुरक्षा और उसके स्वास्थ्य को लेकर प्रतिबद्ध है। यूपी सरकार ने हलफनामे में कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर मुख्तार को वापस उत्तर प्रदेश भेजे। मोहाली में दर्ज केस भी प्रयागराज ट्रांसफर किया जाए। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई दो मार्च तक के लिए टाल दी है।

Updated on:
24 Feb 2021 01:52 pm
Published on:
24 Feb 2021 01:21 pm
Also Read
View All
Road accident: Video: सडक़ हादसे में 3 युवकों की मौत, 3 बिजली खंभे से जा टकराए तो 3 को स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर, 3 घायल

High Court order: लॉटरी सिस्टम से बनीं नगरपालिका अध्यक्ष, हारी उम्मीदवार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती, न्यायाधीश ने सुनाया ये फैसला

Action on private schools: अंबिकापुर के इन 2 प्राइवेट स्कूलों पर चला प्रशासन का डंडा, तय दुकानों से महंगी किताबें खरीदने का बनाया था दबाव

SECL viral video: एसईसीएल में अवैध वसूली का वीडियो वायरल, ओवरटाइम ड्यूटी दिलाने 10-12 हजार और संडे को 2000 रुपए एक्सट्रा उगाही

Commits suicide: 3 बच्चों की मौत से दुखी पिता ने की आत्महत्या, कहता था- मेरे बच्चे ही नहीं बचे तो मैं जिंदा रहकर क्या करूंगा