हवाई जहाज में लगे उपकरण यदि सही समय पर चेतावनी नहीं देते सैंकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।
नई दिल्ली। एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। हवाई जहाज में लगे उपकरण यदि सही समय पर चेतावनी नहीं देते सैंकड़ों लोगों की जान जा सकती थी। दरअसल ढाका के हवाई क्षेत्र में एक बड़ी विमान दुर्घटना उस वक्त टल गई जब एयर डेक्कन और इंडिगो के विमान आपस में टकराने से बच गए। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों विमानों के पायलटों को एक स्वचालित चेतावनी प्रणाली से एक सूचना मिली। इस सूचना में उन्हें बताया गया कि दोनों विमान एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। हवाई जहाज में लगे स्वचालित चेतावनी उपकरण ने विमानों के बीच अनिवार्य दूरी के अंतर को बनाए रखने की सीमा का उल्लंघन की जानकारी तुरंत पायलट को दी। इससे एक बड़ा हालसा होते-होते टल गया।
दो मई को घटी थी यह घटना
गौरतलब है कि यह घटना दो मई की है, जब बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र में इंडिगो का कोलकाता से अगरतला जा रहा विमान 6 ई -892 और एयर डेक्कन का अगरतला से कोलकाता आ रहा विमान डीएन 602 हवा में एक-दूसरे के नजदीक आ गया। इसके बाद हवाई जहाज में लगे स्वचालित चेतावनी प्रणाली ने तुरंत पायलट को सूचित किया। बताया जा रहा है कि दोनों विमान के बीच की दूरी महज 700 मीटर रह गई थी।
कैसे घटी यह घटना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब एयर डेक्कन का विमान अगरतला की ओर उतर रहा था तब उसकी ऊंचाई 9000फुट की थी, जबकि इंडिगो का विमान उड़ान भर रहा था और उस वक्त उसकी ऊंचाई 8,300फुट की थी। इतनी कम दूरी को हवाई जहाज में लगे स्वचालित चेतावनी प्रणाली ने भांपते हुए तुरंत दोनों जहाजों के पायलट को सूचित किया। जिसके बाद दोनों पायलटों ने सूझबुझ दिखाते हुए अपने जहाज को सही दिशा में मोड़ते हुए एक बड़े हादसे को होते-होते रोक लिया।
क्या होता है स्वचालित चेतावनी प्रणाली
आपको बता दें कि स्वचालित चेतावनी प्रणाली (टीसीएएस) हवाई जहाज में लगा एक ऐसा उपकरण होता है जो एक निर्धारित दूरी को मापते हुए दो हवाई जहाजों के बीच की दूरी को बताता है। यदि कोई भी हवाई जहाज इस निर्धारित दूरी सीमा का उल्लंघन करता है तो यह उपकरण तुरंत पायलट को सूचित करता है।