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पत्रिका फैक्ट चेक: कोरोना मरीजों का इलाज करते-करते इस महिला डॉक्टर की चली गई जान, जानें क्या है सच्चाई?

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और फेक न्यज का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में मनीषा पाटिल नाम की एक डॉक्टर ने कोरोना मरीजों का इलाज करते-करते अपनी जान दे दी। वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि मनीषा पाटिल ने 188 कोरोना मरीजों का इलाज किया लेकिन खुद को नहीं बचा सकी।

दावा- महिला डॉक्टर ने कोरोना मरीजों के इलाज में गंवा दी अपनी जान

तथ्य- वायरल तस्वीर पूरी तरह से फर्जी, गलत बताया जा रहा

दरसअल फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर और अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर मैसेज तेजी से शेयर किया जा रहा है । मैसेज में दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र की रहने वाली 28 वर्षीय डॉक्टर मनीषा पाटिल ने कोविड मरीजों के इलाज के लिए दिन रात जुटी रहीं। लेकिन खुद को नहीं बचा सकी। इस वायरल मैसेज में दो तस्वीरें हैं। इसमें एक ओर महिला डॉक्टर की फोटो है वहीं दूसरी तस्वीर अस्पताल में बैठे दो लोगों की है।

वायरल मैसेज की क्या है सच्चाई?

पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने जब इसकी पड़ताल शुरू की तो पता चला कि वायरल पोस्ट का दावा पूरी तरह से फर्जी है। यह फोटो ऋचा राजपूत की हैं। जो कानपुर की रहने वाली हैं। ऋचा होम्योपैथी की डॉक्टर हैं और कोरोना संकट से निकलने के लिए वह लोगों को ऑनलाइन काउंसलिंग कर रही हैं।

वायरल तस्वीर को गूगल पर रिवर्स ईमेज सर्च करने से हमें डॉक्टर ऋचा राजपूत का एक ट्वीट मिला इस ट्वीट में एक तरफ वीडियो और दूसरी ओर वही वायर मैसेज का स्क्रीनशॉट था ।

डॉक्टर ने खुद ट्वीट कर दी जानकारी

ऋचा राजपूत ने ट्वीट किया की अभी हम जिंदा है। हमारे मौत की फेक न्यूज फेसबुक और ट्विटर पर बहुत वायरल हो रही हैं। मेरे पास सैंकड़ों मैसेज आ चुके हैं। इसलिए मैं बताना चाहती हूं कि मेरा नाम डॉक्टर ऋचा राजपूत है। मैं कानपुर की रहने वाली हूं और पूरी तरह से स्वस्थ हूं। मैं कोरोना मरीजों से सीधे नहीं जुड़ी हूं। मैं मरीजों की ऑनलाइन काउंसलिंग का काम कर रही हूं।

पत्रिका फेक न्यूज पर ध्यान नहीं देने की कर रहा अपील

ऋचा ने आगे लिखा कि हंसी तो आती है इसपर लेकिन डर भी लगता है कही कोई हमारे भूत की अफवाह फैलाकर कुटाई न क न कर दे। ऐसी अफवाहों पर कई लोगों की जान जा चुकी है। इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद करें। पत्रिका आपसे अनुरोध करता है कि इस संकट के दौर में फेज और भ्रामक खबरों पर ध्यान नहीं दें। विश्वसनीय और सटीक खबर पढ़ने के लिए आप पत्रिका डॉट कॉम और पत्रिका मोबाइल एप का इस्तेमाल करें।

Published on:
03 May 2020 12:13 pm
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