PUBG साउथ कोरियन का होने के बाद भी लगातार विवादों में क्यों पबजी पर प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा को लेकर उठते रहे हैं सवाल गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर 2018 में किया गया था रिलीज
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत में और 47 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया गया है। इससे पहले 59 चीनी ऐप्स को बैन किया गया था। वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबित, सरकार PUBG समेत 250 से ज़्यादा चीनी ऐप्स को भी बैन कर सकती है। फिलहाल इन ऐप्स की लिस्ट तैयार किया जा रहा है। ऐसे में पबजी मोबाइल बैन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चलिए आप आपको पबजी के बारे में विस्तार से बताते हैं कि आखिए इस ऐप को कहा तैयार किया गया है और इसे बनाने वाली कौन सी कंपनी है।
PUBG एक साउथ कोरियाई ऑनलाइन वीडियो गेम है, जिसे ब्लूव्हेल की सहायक कंपनी बैटलग्राउंड ( Battleground ) ने बनाया है। इस गेम को साल 2000 में बनी जापानी फिल्म Battle Royal से प्रभावित होकर तैयार किया गया है। पबजी को Brendan ने बनाया था। हालांकि इसमे चीन के सबसे बड़े वीडियो गेम पब्लिशर टीसेंट की बड़ी हिस्सेदारी है और चीन में इस गेम को Game of peace के नाम से पेश किया गया था। यानी इस ऐप को बनाने वाली कंपनी चीन की नहीं, बल्कि साउथ कोरिया की है। ऐसे में इसे बैन किया जाएगा या नहीं ये साफ कह पाना थोड़ा मुश्किल है।
पबजी मोबाइल को गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर 2018 में रिलीज किया गया। इसके बाद पबजी वीडियो गेम लगातार पॉपुलर होता चला गया और इस वजह से चीन का सबसे बड़ा वीडियो गेम्स पब्लिशर टेंसेंट गेम्स ने साउथ कोरियन ब्लूहोल से इस गेम को चीन में लॉन्च करने और कंपनी में स्टेक्स खरीदने की बात की।
गौरतलब है कि हाल ही में खबर आयी थी कि पबजी में जल्द ही डोमिनेशन मोड को इंट्रोड्यूस किया जाएगा। एक्सपट्र्स की मानें, तो यह डोमिनेशन मोड कॉल ऑफ ड्यूटी के डोमिनेशन मोड से काफी मिलता जुलता नजर आ रहा है। एक पॉपुलर स्ट्रीमर से मिली जानकारी के अनुसार पबजी गेम के पबजी मोबाइल लेटेस्ट बीटा वर्शन पर इसे देखा गया है। ध्यान रहे कि पबजी पर हर साल अपने यूजर्स के लिए खास फीचर्स पेश करता है जिससे की उन्हें खेलने का और आनंद आ मिले।