मुंबई

IPS के निलंबन आदेश पर BJP और शिंदे सेना में तनातनी, चुनाव बना टकराव की वजह…महाराष्ट्र की सियासत में उबाल

IPS Tushar Doshi: महाराष्ट्र विधानसभा में IPS तुषार दोशी के निलंबन पर BJP और शिवसेना में ठनी। मंत्री शंभूराज देसाई ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप। सीएम फडणवीस ने दिए जांच के आदेश। जानें कौन हैं चर्चा में आए ये अधिकारी।
2 min read
Mar 24, 2026
Clashes erupt in Maharashtra suspension IPS officer Tushar Doshi

IPS Tushar Doshi: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारी को लेकर सत्तापक्ष के दो प्रमुख घटक दल, भाजपा और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना, आमने-सामने आ गए हैं। सतारा के पुलिस अधीक्षक (SP) तुषार दोशी के निलंबन को लेकर विधान परिषद में जो हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ, उसने गठबंधन सरकार के भीतर की खींचतान को उजागर कर दिया है।

विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई जब शिंदे गुट के कद्दावर नेता और मंत्री शंभूराज देसाई ने सतारा जिला परिषद चुनाव के दौरान पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। देसाई ने आरोप लगाया कि एसपी तुषार दोशी ने उनके गुट के नेताओं के साथ 'अपराधियों जैसा व्यवहार' किया। उन्होंने इसे एक सोची समझी रणनीति बताया। दो सदस्यों को मतदान प्रक्रिया में शामिल होने से रोका। इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए सदन की उपसभापति नीलम गोरहे ने एसपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दे दिया।

भाजपा ने जताया विरोध, फडणवीस ने संभाला मोर्चा

नीलम गोरहे के इस फैसले पर भाजपा खेमे ने तुरंत आपत्ति जताई। भाजपा मंत्री जयकुमार गोरे ने तर्क दिया कि किसी वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ बिना किसी आधिकारिक जांच के निलंबन का आदेश देना प्रक्रियात्मक रूप से गलत है। गौरतलब है कि सतारा जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव में शिंदे की शिवसेना औप एनसीपी की गठबंधन को एक वोट से हार का सामना करना पड़ा। , जबकि भाजपा विजयी रही। शिवसेना का आरोप है कि पुलिस के पक्षपाती रवैये के कारण यह हार हुई। इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (जिनके पास गृह विभाग भी है) ने मामले को शांत करते हुए उचित जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

कौन हैं आईपीएस तुषार दोशी?

महाराष्ट्र के रहने वाले आईपीएस तुषार दोशी ने 2001 में राज्य लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने पुलिस करियर की शुरुआत की थी। रायगढ़ जिला परिषद में कार्यरत अपने पिता से प्रेरित होकर पुलिस बल में शामिल हुए दोशी ने भौतिकी में स्नातक किया है और अपने सेवाकाल के दौरान नवी मुंबई में डीसीपी (क्राइम), ATS तथा गढ़चिरौली जैसे चुनौतीपूर्ण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। हालांकि, उनका करियर विवादों से भी जुड़ा रहा है; विशेष रूप से साल 2023 के मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया था, जिसके बाद उनकी तैनाती सतारा के पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई और अब वे एक बार फिर राजनीतिक खींचतान के चलते सुर्खियों में हैं।

Updated on:
24 Mar 2026 05:57 pm
Published on:
24 Mar 2026 05:16 pm