
FDA Maharashtra: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के तबादले को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। मुंढे ने स्पष्ट किया है कि उनका FDA से तबादला नहीं हुआ है और वे आयुक्त के पद पर ही कार्यरत हैं। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों की जांच के लिए गठित होने वाले उच्चस्तरीय आयोग के सचिव की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है। इस घोषणा के बाद उनके एफडीए में मौजूदा पद को लेकर सवाल उठने लगे थे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कमान संभालने के बाद से तुकाराम मुंढे मिलावटखोरों और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। राज्यभर में असुरक्षित खाद्य पदार्थों, मिलावटी उत्पादों और घटिया दवाओं के खिलाफ एफडीए की ओर से कई कार्रवाई की गई हैं। इसके चलते मुंढे की कार्यशैली की महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा हो रही है।
इसी बीच, एमपीएससी पेपर लीक मामलों की जांच के लिए गठित होने वाले आयोग के सचिव पद पर उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या मुंढे का FDA से तबादला हो गया है? अब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
IAS तुकाराम मुंढे ने अपनी पोस्ट में कहा कि उनका एफडीए से तबादला नहीं हुआ है। वे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त के रूप में ही काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असुरक्षित, घटिया गुणवत्ता वाले और मिलावटी खाद्य पदार्थों के साथ ही नकली तथा घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के खिलाफ उनकी कार्रवाई जारी रहेगी।
मुंढे के इस बयान से स्पष्ट हो गया है कि MPSC जांच आयोग के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बावजूद वे FDA आयुक्त के पद पर बने रहेंगे।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से एक उच्चस्तरीय जांच आयोग गठित किया जा रहा है। इस आयोग के अध्यक्ष पद पर पूर्व न्यायमूर्ति दिलीप भोसले को नियुक्त किया गया है, जबकि तुकाराम मुंढे को आयोग का सचिव बनाया गया है। MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर एनसीपी शरद गुट के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में आंदोलन किया गया था।