
मुंबई। सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीजी कोलसे पाटिल ने हेमंत करकरे की हत्या के मामले में बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की मौत कसाब की गोली से नहीं बल्कि महाराष्ट्र पुलिस की गोली से हुई है। उनके इस आरोप ने नया विवाद पैदा कर दिया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीजी कोलसे पाटिल राज्य में अलायंस अगेंस्ट सीएए, एनआरसी और एनपीआर संगठन के अध्यक्ष भी है।
उन्होंने ने आरोप लगाया है कि मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को आतंकवादी हमले में मारे गए तत्कालीन एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की हत्या अजमल कसाब ने नहीं की थी, अजमल कसाब के बन्दुक की गोली से उनकी मौत नहीं हुई थी बल्कि महाराष्ट्र पुलिस की पिस्तौल से हुई थी। नागपुर में एक सभा के दौरान उन्होने यह गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीएए एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ उक्त संगठन ने 16 फरवरी को नागपुर के जाफरनगर इलाके में 'संविधान बचाओ सभा' का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए, बीजी कोलसे पाटिल, जो कार्यक्रम के अध्यक्ष हैं, ने कई विवादास्पद बयान दिए।
बीजी कोलशे पाटिल ने कहा कि हेमंत करकरे को अजमल कसाब या किसी अन्य पाकिस्तानी आतंकवादी के गोलियों से नहीं मारा गया था। हेमंत करकरे को महाराष्ट्र पुलिस ने पिस्टल, 'प्वाइंट नाइन' के साथ पीठ में गोली मारी थी। कोल्शे पाटिल ने दावा किया है कि ऐसा कृत्य मुंबई पुलिस बल में हिंदू विचारधारा वाले पुलिस कर्मी द्वारा किया गया था।