
Mumbai Waterlogging:मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण मची तबाही और दुर्घटनाओं को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई में जलभराव, पेड़ों के गिरने से हुई मौतें और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' परियोजना में हुई दुर्घटना का जिक्र करते हुए राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लेकर मशहूर रेडियो जॉकी (RJ) मलिष्का तक को आड़े हाथों लिया।
मुंबई में बारिश के बाद हुए जलभराव पर बात करते हुए राज ठाकरे ने आरजे मलिष्का के पुराने वायरल वीडियो का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि '2005 में मुंबई में 1000 मिमी बारिश हुई थी। अब सिर्फ 300 से 350 मिमी बारिश हुई है, फिर भी मुंबई की हालत वैसी ही है, हर तरफ पानी भरा है। तब ये लोग कुछ भी बोलते थे, तब इन्हें इसमें राजनीति नहीं दिखती थी। अब मुंबई डूब रही है तो कह रहे हैं कि यह तो प्राकृतिक है।' उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि वो कौन महिला है जो गाने गाती थी। मलिष्का! 'तुझा मुंबईवर भरोसा नाही का?' (क्या तुझे मुंबई पर भरोसा नहीं है?) अब वो कहां चली गई है? सवाल पूछना क्यों बंद कर दिया?' जब वहां मौजूद लोगों ने बताया कि मलिष्का ने एक नया वीडियो बनाया है, तो ठाकरे ने कहा कि 'अगर नया वीडियो बनाया है तो अच्छा है, मतलब वह किसी की गुलाम नहीं है। जब वह पहले ऐसे गाने गाती थी तो सबने मजे लिए, अब जब दूसरे सवाल उठा रहे हैं तो इन्हें तकलीफ हो रही है।'
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' पर हुए हादसे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में दिए गए बयान पर भी राज ठाकरे ने निशाना साधा। फडणवीस ने कहा था कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति करके महाराष्ट्र का अपमान कर रहा है। इस पर पलटवार करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि मिसिंग लिंक की घटना पर बोलना राजनीति कैसे हो गया? जब दूसरे की सरकार थी तब आप लोग क्या कर रहे थे? तब जो आंदोलन हुए, क्या वो राजनीति नहीं थी? आप कहते हैं कि मुझे कुछ भी बोलो पर महाराष्ट्र का अपमान सहन नहीं करूंगा! अरे, लोग मिसिंग लिंक की कमियों पर बात कर रहे हैं, इसमें महाराष्ट्र का अपमान कहां से आ गया? क्या लोगों को सवाल पूछने का भी अधिकार नहीं है?"
राज ठाकरे ने केंद्र सरकार की आलोचना करने पर 'देशद्रोही' या 'धर्मविरोधी' का ठप्पा लगाने की प्रवृत्ति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि "केंद्र सरकार के कामों पर बोलने का देश के विरोध से क्या संबंध है? अगर कोई राम मंदिर में हुई चोरी के बारे में बात करता है, तो आप कह देते हैं कि धर्म का अपमान कर दिया। चोरी तो चोरी है, इसमें धर्म कहां से आ गया? लोगों ने अपनी श्रद्धा से पैसे दान किए थे, अगर उसकी चोरी हुई है तो क्या उस पर बात भी न करें? क्या हम धर्मविरोधी हो गए? सबसे पहले बीजेपी के ही एक सांसद ने कहा था कि राम मंदिर में चोरी हुई है।'