
शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित डॉक्टरों का इस्तीफा (Photo: X/IANS)
KDMC Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित केडीएमसी (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। शिवसेना (शिंदे गुट) पार्षद रमेश म्हात्रे की कथित पिटाई के बाद पीड़ित महिला डॉक्टर ने नौकरी छोड़ दी है। इससे एक दिन पहले उनके सहयोगी पुरुष डॉक्टर ने भी इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने शहर भी छोड़ दिया है। पीड़ित डॉक्टर ने कहा कि वह बेहद डरे हुए हैं और कथित गुंडे उन पर नजर रख रहे हैं। वे बहुत खतरनाक लोग हैं। उधर, घटना के बाद से डॉक्टरों में भारी रोष है और रमेश म्हात्रे की पार्षद सदस्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ला ने बताया कि डॉक्टर वैभव सालुंखे और डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर ने अब तक आधिकारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों डॉक्टर थर्ड पार्टी एजेंसी के जरिये नियुक्त किए गए थे और उन्होंने एजेंसी को भी कोई इस्तीफा नहीं सौंपा है। फिलहाल दोनों बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित हैं।
यह घटना डोंबिवली के नगर निगम द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल की है। अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टरों ने नवजात शिशु को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी थी। इससे नाराज परिजनों ने स्थानीय शिवसेना पार्षद राकेश म्हात्रे से संपर्क किया।
इसके बाद राकेश म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे, जहां विवाद इतना बढ़ गया कि उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया। वीडियो में शिवसेना नेता अपने समर्थकों की मौजूदगी में महिला डॉक्टर को पीछे से थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने अन्य डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों के साथ भी मारपीट की। यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा में भी उठा और चौतरफा विरोध के बाद पुलिस ने बुधवार को राकेश म्हात्रे को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के कुछ समय बाद राकेश म्हात्रे ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें ठाणे जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ डॉ. धीरज महांगडे ने कहा, "हम डॉक्टरों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं। लेकिन एक मरीज के नाते, इंसानियत के तौर पर हम रमेश म्हात्रे का इलाज कर रहे हैं। उन्हें सच में तकलीफ है, उनकी केवल एक ही किडनी है और वे हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, जिससे उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ है, उन्हें उल्टियां भी हुई हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।"
Updated on:
9 Jul 2026, 8:36 PM IST
Published on:
9 Jul 2026, 8:26 PM IST
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