
संदीप पठाक और राघव चड्ढा (Photo-IANS)
Modi Cabinet Reshuffle 2026:मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। हालांकि इसको लेकर अभी तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मानसून सत्र से पहले कैबिनेट में फेरबदल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, कई नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है, जबकि कई का मंत्रालय बदला जा सकता है।
जिन नेताओं की छुट्टी हो सकती है उसमें धर्मेंद्र प्रधान, हरदीप सिंह पुरी, रवनीत सिंह बिट्टू, पंकज चौधरी, हर्ष मल्होत्रा और जॉर्ज कुरियन शामिल है। वहीं निर्मला सीतारमण और ज्योतिरादित्य सिंधिया का विभाग बदला जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दिनों अन्य विपक्षी दलों से एनडीए में शामिल हुए बागी सांसदों को भी मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते है। आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा और संदीप पाठक का नाम कैबिनेट में शामिल करने का चल रहा है। हालांकि राघव चड्ढा का नाम सबसे आगे चल रहा है, क्योंकि राघव चड्ढा के नेतृत्व में ही आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने बीजेपी में विलय किया था।
वहीं पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी राघव चड्ढा और संदीप पाठक को कैबिनेट में शामिल कर चुनाव में फायदा उठाने की कोशिश करेगी। दरअसल, विधानसभा चुनाव 2022 में संदीप पाठक और राघव चड्ढा ने AAP को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके अलावा पंजाब से आने वाले तरुण चुघ को भी मोदी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। बीजेपी ने तरुण चुघ को मध्य प्रदेश से राज्य सभा भेजा है। वहीं पंजाब के एक और नेता रवनीत सिंह बिट्टू को इस बार राज्य सभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनाया था।
बता दें कि संदीप पाठक को AAP का साइलेंट मास्टरमाइंड और चुनावी स्ट्रैटेजिस्ट माना जाता था। उन्होंने डेटा-आधारित रणनीति, टिकट वितरण, कैंपेन डिजाइन और संगठन निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। राघव चड्ढा पंजाब में सुपर सीएम के रूप में जाने जाते थे — वे दिल्ली और पंजाब यूनिट के बीच ब्रिज थे, पब्लिक फेस और मैसेजिंग संभालते थे।
संदीप पाठक AAP के पंजाब मॉडल, विधायकों के संपर्क और कमजोरियों को अच्छी तरह जानते हैं। वे BJP को प्रभावी कैंपेन और ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रैटेजी दे सकते हैं। वहीं दोनों के पास आम आदमी पार्टियों के विधायकों और कार्यकर्ताओं का नेटवर्क है, जिससे संभावित दलबदल या कमजोर करने में मदद मिलेगी।
Updated on:
09 Jul 2026 11:55 am
Published on:
09 Jul 2026 11:55 am
