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शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर भड़की उद्धव सेना, कहा- गद्दारों को सम्मान देने से घटती है साख

Sanjay Raut on Sharad Pawar: महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आता दिख रहा है। शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर संजय राउत ने कड़ी नाराजगी जताई है। राउत ने कहा कि गद्दारों के दफ्तर में बैठक से पवार साहब और एनसीपी की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 09, 2026

Sharad Pawar Eknath Shinde Meeting MVA rift

शरद पवार-एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर भड़के संजय राउत (Photo: X/@mieknathshinde)

Sharad Pawar Eknath Shinde Meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात के बाद महाराष्ट्र का सियासी पारा चढ़ गया है। इस बैठक के बाद महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन तुतारी' की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के राज्य सभा सांसद संजय राउत ने इस मुलाकात पर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का उन लोगों के कार्यालय में जाकर बैठक करना, जिन्हें उनकी पार्टी 'गद्दार' मानती है, उनकी विश्वसनीयता को कमजोर करता है।

संजय राउत ने कहा कि शरद पवार उनके लिए सम्मानित नेता हैं, लेकिन जिस एकनाथ शिंदे ने महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार गिराई, उनके दफ्तर में जाकर बैठक करना उचित नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि विधान भवन में और कोई जगह नहीं थी, सामने ही राष्ट्रवादी भवन तथा वाईबी चव्हाण प्रतिष्ठान थे। राउत ने कहा कि शिवसेना (उद्धव गुट) कभी भी ऐसे नेताओं के दफ्तर में बैठक नहीं करेगी, जिन्हें वह 'गद्दार' मानती है। इस तरह के कदम से राष्ट्रवादी कांग्रेस की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।

एनडीए में नहीं शामिल होंगे शरद पवार- राउत का दावा

राउत ने कहा कि यदि उनकी जगह वे होते तो कभी भी अजित पवार के कार्यालय में शिवसेना (यूबीटी) की बैठक नहीं करते, क्योंकि उनकी नजर में यह केवल बगावत नहीं बल्कि शरद पवार के साथ हुई गद्दारी है। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी के सभी सहयोगी दलों को भी इस सिद्धांत का पालन करना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि शरद पवार कभी भी एनडीए में शामिल नहीं होंगे और उनकी विचारधारा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है, लेकिन शिंदे से मुलाकात का तरीका शिवसेना उद्धव गुट को असहज करने वाला था।

उद्धव ठाकरे के करीबी राउत ने आगे कहा कि यदि बड़े नेता 'गद्दारों' को लगातार राजनीतिक सम्मान देते रहेंगे तो महाराष्ट्र की राजनीति में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि जिसने अपने राजनीतिक परिवार के साथ विश्वासघात किया, उसे सम्मान देना उचित नहीं है। राउत ने कहा कि उनकी पार्टी आज भी अपने 'गद्दारों' के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ रही है और भविष्य में भी ऐसे नेताओं के साथ किसी तरह की राजनीतिक बैठक या मंच साझा नहीं करेगी।

उन्होंने दोहराया कि यह मुद्दा शिवसेना (यूबीटी) के लिए बेहद गंभीर है और पार्टी अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेगी। संजय राउत ने यह भी साफ किया कि उन्हें शरद पवार की नीयत और उनकी विचारधारा पर कोई शक नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि शरद पवार कभी भी भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए (NDA) के साथ नहीं जाएंगे। उनकी विचारधारा को मैं बहुत करीब से जानता हूं।"