
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सोलापुर जिले के करमाला विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक नारायण पाटील के भाजपा (BJP) की रैली में पहुंचने से राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बार्शी में भाजपा-महायुति के मंच पर शरद गुट के नेता की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा। सबसे खास बात यह रही कि उन्हें पहली पंक्ति में जगह दी गई थी।
पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में, सोलापुर से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के एक विधायक ने भाजपा को अपना समर्थन दिया है। पुणे डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिले शामिल हैं।
यह सभा पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार डॉ. स्मिता जाधव और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे के प्रचार के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, सोलापुर के प्रभारी मंत्री जयकुमार गोरे और विधायक राजेंद्र राउत मौजूद थे।
नारायण पाटील के इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या शरद पवार गुट स्थानीय चुनाव में भाजपा का समर्थन कर रहा है?
करमाला के विधायक नारायण पाटील इससे पहले भी भाजपा के कार्यक्रमों और चुनावी गतिविधियों में नजर आ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, विधान परिषद की स्थानीय निकाय सीट के चुनाव के दौरान भी उन्होंने भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र राउत का समर्थन किया था। उस चुनाव में सांसद धैर्यशील मोहिते पाटील के कहने पर शरद गुट ने वसंत देशमुख को मैदान में उतारा था।
ऐसे में बार्शी के प्रचार सम्मेलन में नारायण पाटील की मौजूदगी को सोलापुर जिले की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस घटनाक्रम के आधार पर उनके पार्टी छोड़ने या भाजपा में शामिल होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
सोलापुर के प्रभारी मंत्री व भाजपा नेता जयकुमार गोरे ने दावा किया है कि नारायण पाटील के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक उत्तम जानकर और शेतकरी कामगार पक्ष के विधायक बाबासाहेब देशमुख का भी भाजपा को समर्थन प्राप्त है।
यदि यह समर्थन चुनाव में वोटों में तब्दील होता है, तो सोलापुर जिले में भाजपा उम्मीदवारों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह जयकुमार गोरे का दावा है। संबंधित विधायकों के समर्थन की स्थिति और उसके चुनावी असर की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महाविकास आघाड़ी की ओर से दो उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सुनील मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख शामिल हैं।
इसके अलावा पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा (BJP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में हैं, जिस वजह से सत्तारूढ़ महायुति के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। भाजपा ने यहां से कौस्तुभ गावडे को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिंदे की शिवसेना ने निर्दलीय उम्मीदवार और प्रोफेसर सचिन सानप को समर्थन देने की घोषणा की है।
पुणे डिवीजन के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिले शामिल हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।