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MLC Election: महायुति में पड़ी दरार! शिंदे सेना ने बीजेपी के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, निर्दलीय को दिया समर्थन

Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगामी एमएलसी चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति की पांचों सीटों पर जीत का दावा किया है। हालांकि पुणे शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना ने निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप का समर्थन किया है। मतदान 23 अक्टूबर को होगा।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

•

Oct 17, 2026

Maharashtra Teacher Constituency Election

शिंदे का बीजेपी को बड़ा झटका, निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान (Photo: facebook/Devendra Fadnavis, Eknath Shinde)

Shiv Sena Eknath Shinde: महाराष्ट्र की पुणे डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा (BJP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के अलग-अलग रुख से सत्तारूढ़ महायुति के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। भाजपा ने यहां से कौस्तुभ गावडे को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना ने निर्दलीय उम्मीदवार और प्रोफेसर सचिन सानप को समर्थन देने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पूरे राज्य में चर्चा में आ गया है।

जानकारी के अनुसार, शिवसेना के सचिव संजय भाऊराव मोरे ने सचिन सानप को पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित करते हुए आधिकारिक पत्र जारी किया है। वहीं, कांग्रेस ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जयंत आसगावकर को उम्मीदवार बनाया है। इस तरह पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा, कांग्रेस और शिंदे की शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा।

शिवसेना के मंत्री ने खुद बताई वजह

कोल्हापुर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर अंबाबाई देवी के दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई ने शिवसेना के फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने इस निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार उतारने की मांग की थी। पार्टी के पदाधिकारियों और शिक्षक संगठनों ने यहां काफी काम किया है।

देसाई के मुताबिक, वरिष्ठ स्तर से निर्देश मिलने के बाद शिवसेना नेता मंगेश चिवटे ने उम्मीदवारी से पीछे हटने का फैसला किया। हालांकि, स्थानीय पदाधिकारियों और शिक्षकों की ओर से सचिन सानप को समर्थन देने का बहुत दबाव था। उन्होंने दावा किया कि सचिन सानप निर्वाचित होने के बाद महायुति के साथ ही रहेंगे। इसलिए उनके समर्थन से गठबंधन में किसी तरह की समस्या पैदा नहीं होगी।

कौन हैं सचिन सानप?

सचिन सानप पुणे के वाडिया कॉलेज में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर हैं। इसके अलावा, वह मॉडर्न एजुकेशन सोसायटी के ट्रस्टी भी हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में भी काम किया है।

शिवसेना का समर्थन मिलने के बाद सानप ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य शिक्षकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि पुणे डिवीजन के 62 हजार से अधिक रजिस्टर्ड शिक्षक-प्राध्यापकों में से राजनीतिक दलों को एक भी योग्य शिक्षक उम्मीदवार नहीं मिला और उन्होंने संस्था चालकों को मैदान में उतार दिया। हमारी यह लड़ाई मुख्य रूप से 'संस्था चालक बनाम आम शिक्षक' की है।

सानप ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ऐसे व्यक्ति को करना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को समझे और उनके मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सके।

पांच जिलों में फैला है पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

पुणे डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिले शामिल हैं। इस सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।

चुनाव में भाजपा के कौस्तुभ गावडे, कांग्रेस के जयंत आसगावकर और शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप आमने-सामने हैं। भाजपा और शिवसेना दोनों महायुति का हिस्सा हैं, लेकिन इस सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों को समर्थन देने के कारण गठबंधन के भीतर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

CM फडणवीस ने रखा पांचों सीटें जीतने का लक्ष्य

इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council Elections) की पांचों सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सत्तारूढ़ महायुति के तीनों सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करने का संदेश दिया है।

ऐसे में पुणे शिक्षक सीट का चुनाव महायुति के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब देखना होगा कि भाजपा और शिवसेना के अलग-अलग उम्मीदवारों के बीच मुकाबले का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।