
Uddhav Thackeray Dussehra Rally: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में बड़े संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। दादर के शिवाजी पार्क में आज होने वाली दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे पार्टी के संगठन को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आदित्य ठाकरे को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं, तेजस ठाकरे को युवा सेना की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इन बदलावों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
उद्धव ठाकरे पिछले करीब दो दशक से शिवसेना का नेतृत्व कर रहे हैं। हाल के समय में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उनके राज्यव्यापी दौरे कम होने की बात कही जा रही है। ऐसे में पार्टी संगठन में नई पीढ़ी को अधिक जिम्मेदारी देने की मांग उठ रही है। इसी पृष्ठभूमि में आदित्य ठाकरे को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चा है। यदि आदित्य ठाकरे को पार्टी के मुख्य संगठन की जिम्मेदारी दी जाती है, तो उनके स्थान पर तेजस ठाकरे को युवा सेना की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि, यह फिलहाल संभावित संगठनात्मक बदलावों से जुड़ी चर्चा है।
शिवसेना की राजनीति में दशहरा रैली का विशेष महत्व रहा है। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे हर साल इस रैली के जरिए शिवसैनिकों को संबोधित करते थे और पार्टी की आगे की राजनीतिक दिशा स्पष्ट करते थे। उनके बाद उद्धव ठाकरे ने भी इस परंपरा को जारी रखा है। ऐसे में इस बार की रैली को संगठनात्मक बदलावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि उद्धव ठाकरे संगठन और नेतृत्व को लेकर क्या घोषणा करते हैं।
दशहरा रैली से पहले शिवसेना (यूबीटी) की ओर से एक पोस्टर जारी किया गया है, जिसमें लोकतंत्र की रक्षा और कथित तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया है। पोस्टर पर लिखा है, ‘तानाशाही को झटका देने और लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए आइए, हुंकार भरें।’ इस संदेश के बाद माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे अपने भाषण में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साध सकते हैं। साथ ही, वह पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति और आगे की दिशा पर भी अपनी बात रख सकते हैं।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी दशहरा रैली आयोजित कर रही है। इस बार रैली का आयोजन नेस्को सेंटर में किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, शिंदे गुट ने इस बार रैली के स्वरूप में बदलाव किया है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सेलिब्रिटी कार्यक्रम नहीं होंगे। इसके बजाय नेताओं के भाषणों पर जोर रहेगा। रैली को करीब दो से ढाई घंटे में समाप्त करने की योजना बनाई गई है।