मुंबई

उद्धव ठाकरे को उनके ही गढ़ में झटका! दिग्गज नेता ने छोड़ा साथ, शिंदे की शिवसेना में हुए शामिल

Uddhav Thackeray Shiv Sena: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को धाराशिव में बड़ा झटका लगा है। उपजिला प्रमुख चेतन बोराडे समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूर्व मंत्री तानाजी सावंत की मौजूदगी में शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं।
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Updated: 23 Aug 2026, 3:22 PM IST
Shiv Sena case
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (Photo: IANS)

Eknath Shinde Vs Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। धाराशिव जिले में शिवसेना ठाकरे गुट के उपजिला प्रमुख और पूर्व युवा सेना जिला प्रमुख डॉ. चेतन बोराडे ने कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में प्रवेश किया है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता तानाजी सावंत की मौजूदगी में चेतन बोराडे समेत अन्य पदाधिकारियों का पार्टी में स्वागत किया गया।

धाराशिव को शिवसेना ठाकरे गुट का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के लगातार शिंदे खेमे में जाने से जिले के राजनीतिक समीकरण पर बड़ा असर पड़ा है। शिवसेना (UBT) सांसद ओमराजे निंबालकर के बाद चेतन बोराडे का शिंदे गुट में जाना उद्धव ठाकरे के लिए जिले में फिर बड़ा झटका माना जा रहा है।

शिंदे की शिवसेना के विधायक व पूर्व मंत्री तानाजी सावंत ने 'एक्स' पर बोराडे के प्रवेश की तस्वीरें पोस्ट कर लिखा, "शिवसेना प्रमुख हिंदूहृदयसम्राट स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के ‘80 प्रतिशत समाजसेवा और 20 प्रतिशत राजनीति’ के विचारों से प्रेरित होकर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व और भूम-परांडा-वाशी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे जोरदार विकास कार्यों पर विश्वास जताते हुए उद्धव ठाकरे गुट के उपजिला प्रमुख एवं पूर्व युवा सेना जिला प्रमुख डॉ. चेतन बोराडे सहित प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शिवसेना में प्रवेश किया। भूम शहर और ग्रामीण क्षेत्र के विकास की इस मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए एक साथ आए इन सभी सहयोगियों के शामिल होने से भूम तालुका में शिवसेना की ताकत और अधिक मजबूत हुई है। पार्टी में शामिल हुए सभी सहयोगियों का एक बार फिर दिल से स्वागत करता हूं और उनकी आगामी राजनीतिक एवं सामाजिक यात्रा के लिए ढेरों शुभकामनाएं देता हूं।"

लोकसभा में MVA की जीत, विधानसभा में महायुति की वापसी

मई 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) ने शानदार प्रदर्शन किया था। चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति के कई दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इसके कुछ ही महीनों बाद हुए विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। महाविकास आघाड़ी लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को विधानसभा में दोहरा नहीं सकी और महायुति ने जोरदार वापसी करते हुए राज्य में दोबारा सरकार बनाई। इसके बाद ही एमवीए में राजनीतिक उठापटक तेज हुई। कई नेताओं और पदाधिकारियों ने महायुति का रुख किया। इसका सबसे बड़ा असर शिवसेना ठाकरे गुट पर दिखाई दिया है।

धाराशिव में ठाकरे गुट के लिए बढ़ी चुनौती

धाराशिव जिले को लंबे समय से उद्धव ठाकरे की शिवसेना का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में चेतन बोराडे जैसे प्रमुख नेता का शिंदे गुट में शामिल होना ठाकरे गुट के लिए बड़े राजनीतिक चोट के तौर पर देखा जा रहा है। एक के बाद एक पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने से धाराशिव में ठाकरे गुट के संगठन पर असर पड़ सकता है। वहीं, शिंदे गुट को जिले में अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने का मौका मिल गया है।

हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने अलग होकर शिंदे गुट के साथ जाने का फैसला किया। इसके बाद लोकसभा में शिवसेना (UBT) के पास सिर्फ तीन सांसद रह गए हैं।

Updated on:
23 Aug 2026, 3:22 PM IST
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