गणतंत्र दिवस समारोह से लौट रही 40 से ज्यादा स्कूली छात्राओं से भरी एक पिकअप के पलटने से चीख-पुकार मच गई। पुलिस के अनुसार 40 घायल छात्राओं अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
डीडवाना (नागौर)। एक तरफ देश गणतंत्र का उत्सव मना रहा था और प्रशासन 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' के कसीदे पढ़ रहा था, वहीं दूसरी ओर खाटू-मंडूकरा हाईवे पर सिस्टम की सतर्कता लहूलुहान नजर आई। गणतंत्र दिवस समारोह से लौट रही 40 से ज्यादा स्कूली छात्राओं से भरी एक पिकअप के पलटने से चीख-पुकार मच गई। पुलिस के अनुसार 40 घायल छात्राओं अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हादसा इतना भीषण था कि अस्पताल के एक-एक बेड पर दो-दो घायल छात्राओं का उपचार करना पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि माल ढोने वाली इस पिकअप को कोई पेशेवर ड्राइवर नहीं, बल्कि एक सरकारी शिक्षक चला रहा था। यह दुर्घटना सुरक्षा के तमाम सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के खौफनाक फासले को उजागर कर गई।
पिकअप में सवार कक्षा 11वीं की छात्रा रिंकू ने बताया पता ही नहीं चला क्या हुआ, गाड़ी पलटी और सभी साथी छात्राएं दर्द से चिल्लाने लगी। घायल छात्राओं में से कुछ को खाटू के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, गम्भीर स्थिति को देखते हुए अलग-अलग वाहनों से घायल छात्राओं को डीडवाना के बांगड़ जिला अस्पताल लाया गया।
माल ढोने वाली पिकअप गाड़ी में छात्राओं का स्कूल आना-जाना बड़ा सवाल है। अस्पताल में मौजूद प्रभुसिंह ने बताया दुर्घटना के समय पिकअप गाड़ी में 50 से ज्यादा विद्यार्थी सवार थे। बड़ी बात यह है कि पिकअप गाड़ी का चालक मौजूद नहीं था, पिकअप को एक अन्य सरकारी स्कूल का अध्यापक संतोष कुमार चला रहा था। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि एक अन्य स्कूल के सरकारी अध्यापक को ऐसी क्या आवश्यकता आ पड़ी की उसे खतरा मोल लेते हुए छात्राओं को पिकअप में लाना पड़ा।