मेड़ता सिटी (नागौर). यहां प्रस्तावित किसानों की महापंचायत से पहले मेड़ता उपखंड अधिकारी ने एक आदेश जारी कर 3 जनवरी से 2 फरवरी तक धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी है।
मेड़ता में प्रशासन ने एक माह के लिए लगाई निषेधाज्ञा
मेड़ता सिटी (नागौर). यहां प्रस्तावित किसानों की महापंचायत से पहले मेड़ता उपखंड अधिकारी ने एक आदेश जारी कर 3 जनवरी से 2 फरवरी तक धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी है। निषेधाज्ञा के लागू होने के बाद किसान महापंचायत के आयोजन को लेकर संशय बन गया है। वहीं, दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि काले अक्षरों से किसानों को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है, मगर किसान डरेगा नहीं।
कार्यवाहक उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म और डीएसपी मेड़ता की ओर से हमें यह बताया गया कि 5 जनवरी को सुबह साढ़े 10 बजे से मेड़ता शहर में किसान महापंचायत का आयोजन प्रस्तावित है। उसमें 20 हजार लोगों के जुटने का आह्वान किया गया है। उस दौरान शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। इस संबंध में हमने भी सूचनाएं जुटाई है। ऐसे में अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत 3 जनवरी 2026 से 3 फरवरी 2026 तक क्षेत्र में निषेधाज्ञा जारी की गई है। सार्वजनिक रूप से कोई भी जुलूस, धरना-प्रदर्शन और किसी प्रकार का आयोजन बिना किसी परमिशन नहीं किया जा सकता। जो भी कार्यक्रम करवाएंगे, वो शांति व्यवस्था स्थापित रखते हुए करवाएंगे और इसकी परमिशन लेनी जरूरी होगी।
निषेधाज्ञा में इन पर रहेगा प्रतिबंध
- किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, सभा या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध।
- बिना सक्षम अनुमति के लाउडस्पीकर, डीजे, ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
- हथियार, लाठी, डंडा, तलवार, चाकू, विस्फोटक सामग्री या फिर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु रखने और ले जाने पर रोक लगाई गई है।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की धार्मिक, जातिगत, साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाली, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- किसी भी व्यक्ति को अफवाह फैलाने, भड़काऊ भाषण देने या फिर सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
इधर...तैयारियां तेज, यह है मांगें
वहीं, दूसरी तरफ भाकियू की ओर से नाथूराम मिर्धा सर्किल स्मारक में किसान महापंचायत की तैयारियां तेज कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि फसल खराबे के बावजूद आपदा श्रेणी से वंचित 74 गांवों को शामिल करने, मेड़ता-पुष्कर और मेड़ता-रास रेल लाइन भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा दिलाने, मनमाने तरीके से निजी कंपनी द्वारा खेतों में विद्युत पोल लगाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर यह महापंचायत होने जा रही है।
यह किसानों को गुमराह करने का प्रयास
खेती की चर्चा के लिए किसान 5 जनवरी को मेड़ता में एकजुट होगा, लेकिन सरकार पहले से डर गई है। क्या 200 गांवों के किसान एक जगह बैठकर अपनी खेती की बात नहीं कर सकते। जब मुख्यमंत्री आते हैं तो हजारों पुलिसकर्मी उनके सहयोग में लगाते हैं। यह किसानों को गुमराह करने का प्रयास है। किसान मजबूती से आएंगे, अपनी बात रखेंगे व अपनी जमीन के लिए दीवार बनकर खड़े रहेंगे।
- सुशील रियाड़ साेगावास, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियू मानवता।