
सोनीबाड़ी-प्रतापसागर मार्ग पर अब भी कचरे के ढेर
नागौर. शहर में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए नगरपरिषद की ओर से इन दिनों युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में हालात अब भी संतोषजनक नहीं हैं। नगरपरिषद अधिकारियों का कहना है कि सफाई के बाद भी कई स्थानों पर लोग दोबारा सडक़ों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डाल देते हैं। जिससे पूरे अभियान की स्थिति प्रभावित हो रही है। अब इस स्थिति को देखते हुए नगरपरिषद ने शहर में वार्डवार रात्रि नुक्कड़ मीटिंगों के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि सीधे संवाद के जरिए लोगों को जागरूक किया जा सके।
लिए जाएंगे सुझाव
नगरपरिषद अधिकारियों के अनुसार इन बैठकों में क्षेत्र के लोगों, गणमान्य नागरिकों और स्थानीय प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठकों के दौरान लोगों से आग्रह किया जाएगा कि वह सार्वजनिक स्थानों, सडक़ों और खाली भूखंडों पर कचरा नहीं डालें। साथ ही नागरिकों से स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लिए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि यदि आमजन की भागीदारी बढ़ेगी तो शहर को स्वच्छ रखने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकेगा।
लोग खुद ही सडक़ पर डाल रहे कचरा
नगरपरिषद का कहना है कि कई स्थानों पर सफाई के बाद भी कुछ लोग उसी जगह पर कचरा डाल देते हैं, जिससे समस्या फिर खड़ी हो जाती है। ऐसे में अब जनजागरूकता के साथ-साथ सख्ती की तैयारी भी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक यदि समझाइश के बाद भी लोग नहीं माने तो सार्वजनिक मार्गों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए निगरानी के इंतजाम भी किए जाएंगे, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था कायम रखी जा सके।
गंदगी है तो फिर फोन कर सकते हैं
नगरपरिषद की ओर से लोगों को यह भी बताया जाएगा कि शहर में सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर उपलब्ध हैं। यदि किसी क्षेत्र में कचरा एकत्रित हो जाए और समय पर सफाई नहीं हो रही हो तो नागरिक इन नंबरों पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देना है, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। उनका यह भी कहना है कि यदि तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद कचरा सडक़ों पर फैलता है तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के लोगों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जानकारी देने के बाद भी नहीं हटा कचरा
हालांकि नगरपरिषद के दावों से अलग शहर के कुछ इलाकों में जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है। सोनीबाड़ी से प्रतापसागर तालाब जाने वाले मार्ग पर कचरे के ढेर लगे होने की जानकारी नगरपरिषद को दी गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद भी वहां से कचरा नहीं हटाया गया। इससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। स्थानीय निवासी रमेश व्यास, महेंद्र सोनी और अनिल शर्मा का कहना है कि यदि नगरपरिषद इतनी सक्रिय है तो फिर शिकायत के बाद भी कई स्थानों पर सफाई क्यों नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि नियमित सफाई और कचरा उठाव की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, तभी शहर को साफ रखने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा। कुल मिलाकर शहर में चल रहे सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए नगरपरिषद अब जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जागरूकता बैठकों, निगरानी और आवश्यक कार्रवाई के जरिए शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि में नुक्कड़ मीटिंग का आयेाजन कर संवाद करने के साथ ही सुझाव भी मांगे जाएंगे। इसमें आए हुए सुझावों पर नगरपरिषद अमल भी करेगी।
गोविंद सिंह भींचर, आयुक्त नगरपरिषद नागौर
Updated on:
10 Mar 2026 12:43 pm
Published on:
10 Mar 2026 12:42 pm
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