आठ दिन बाद टीकमचंद सुरक्षित अपने गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। डीजे के साथ जुलूस निकालते हुए उन्हें घर लाया गया घर पहुंचते ही पिता प्रभुराम सोकल, माता मुन्नी देवी, पत्नी और अन्य परिजन उन्हें देखकर भावुक हो गए। उन्हें गले लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। बाद में परिवार ने केक काटकर खुशियां मनाईं। इस दौरान पूर्व पार्षद नेमीचंद कुमावत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।