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नारी शक्ति सम्मान में गूंजा आत्मनिर्भरता का संदेश

पत्रिका का नारी शक्ति का सम्मान समारोह: शिक्षा और कौशल से आगे बढ़ने का आह्वान, शिक्षा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन से महिलाएं बनाएंगी अपना स्थान

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कृ​षि कॉलेज की सहायक आचार्य हंसा को सम्मानित करते अतिथि।

कृ​षि कॉलेज की सहायक आचार्य हंसा को सम्मानित करते अतिथि।

नागौर. राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश जन्म शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शृंखला में शनिवार को ‘नारी शक्ति सम्मान’ समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य व बेहतर प्रदर्शन करने वाली नागौर जिले की 21 महिलाओं एवं बालिकाओं का सम्मान किया गया।

राजस्थान पत्रिका के 71वें स्थापना दिवस व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बख्तासागर स्थित किसान छात्रावास सभागार में आयोजित इस समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं की भूमिका को समाज के विकास का आधार बताया। महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कौशल विकास अत्यंत जरूरी

मुख्य अतिथि कार्यवाहक जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर ने महिलाओं के साथ द्विपक्षीय संवाद करते हुए उनसे यह जानने का प्रयास किया कि महिलाओं को समाज में आगे लाने के लिए क्या प्रयास करना जरूरी है। संवाद के दौरान मीरा खंवर, गजराज कंवर डॉ सरोज फगोडि़या व नेहा आदि ने ड्राइविंग, स्किल डेवलपमेंट, संस्कारों के साथ आत्मनिर्भर बनने और स्वयं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता बताई।

कलक्टर ने कहा कि समाज में कमाने वाले व्यक्ति को अधिक महत्व दिया जाता है, इसलिए महिलाओं को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए शिक्षा और कौशल विकास अत्यंत जरूरी है। महिलाएं शिक्षित बनें, अपने पैरों पर खड़ी हों और समाज में अपना खास स्थान बनाएं।

सृजन का कार्य मातृशक्ति के बिना संभव नहीं

जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा कि सृजन का कार्य मातृशक्ति के बिना संभव नहीं है। समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पत्रिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। इससे अन्य महिलाएं प्रेरणा लेती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पुलिस विभाग भी महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए टोल फ्री नम्बर 1930 पर कॉल करने की जानकारी दी और राजस्थान पुलिस की आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन राजकॉप सिटीजन ऐप के बारे में बताया।

बेटियों को निडर और आत्मनिर्भर बनाएं

प्रशिक्षु आईपीएस अदिति उपाध्याय ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को प्रेरित करने और उनके कठिन परिश्रम को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों को बोलने से न रोकें और उन्हें निडर बनने के लिए प्रोत्साहित करें।

शिक्षा से आता मानसिकता में बदलाव

पूर्व प्रधान सुमिता भींचर ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों के साथ आय के स्रोत भी विकसित करने चाहिए। छोटे-छोटे नवाचारों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। परंपराओं और संस्कारों को निभाते हुए भी महिलाएं आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि मानसिकता में बदलाव के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है, इसलिए महिलाओं और बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

महिलाएं करतीं हैं भावनात्मक निर्णय

मूण्डवा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन एवं पत्रिका जनप्रहरी घनश्याम सदावत ने कहा कि पत्रिका हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। नारी शक्ति सम्मान कार्यक्रम के संबंध में उन्होंने कहा कि भारतीय नारी के जीवन में कई ऐसे दौर आते हैं जब उसे कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं। विवाह के बाद पिता का घर छोड़कर पति के घर जाना भी एक बड़ा और भावनात्मक निर्णय होता है। कार्यक्रम के अंत में पत्रिका के संपादकीय प्रभारी महेन्द्र त्रिवेदी ने पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद्र कुलिश जी के बारे जानकारी देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

इनकाे किया सम्मानित

समारोह में सरस्वती शर्मा, आर्यना चौधरी, वसुंधरा, सरोज फगोडि़या, सराेज जाखड़, सुमिता भींचर, गजराज कंवर, सुनिता स्वामी, मीरा खंवर, पारुल चौधरी, डॉ. हंसा लाखराण, इंदिरा बिश्नोई, अश्विनी सिखवाल, अनुष्का, नीलम, कला कुमारी, शिप्रा बोहरा, मुन्नी मेघवाल, चुका देवी, मिनाक्षी व प्रेरणा प्रजापत के साथ संतोष मांजू व नीलू खड़लोया को सम्मानित किया गया।

इस दौरान मूण्डवा के व्यवसायी कृष्ण कुमार बंग ने वुशु कोच अश्विनी सहित कबड्डी खिलाड़ी आर्यना, वसुंधरा व मीनाक्षी को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में श्रीनाथजी की संजीव झांकी बनी ऐश्वर्या बोहरा सभी के आकर्षण का केन्द्र रही। शारदा भांभू ने लोकगीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी।

इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम की सफलता में सामाजिक कार्यकर्ता रामप्रकाश बिशु, छात्रा सुमन, शिवानी एवं निर्मला मांजू के साथ राजकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं, राजीविका की महिलाओं एवं नागौर नगर परिषद प्रशासन ने सहयोग दिया। मंजू तापड़िया, सुमन मनिहार, निशा सोनी, सुमित्रा व्यास, अंजलि सारडा, नेहा तोषनीवाल, मंजू सोनी, सावित्री दरक, पूनम बाहेती आदि भी मौजूद रहीं।