अलवर में करीब 10 से 15 यूनिट ऐसी हैं, जहां से अमरीका व यूरोप में स्टील और बेयरिंग भेजा जाता है, लेकिन युद्ध होते ही सबसे पहले इंश्योरेंस कंपनियों में दरें बढ़ा दी है। अब इंश्योरेंस के लिए 10 प्रतिशत तक ज्यादा पैसा देना होगा। यही नहीं जो शिपमेंट यहां से पारस की खाड़ी होते हुए यूरोप जा रहा था, वह अब रेड सी के जरिए भेजने की तैयारी थी, लेकिन किराया 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ने के कारण यूरोपियन कंपनियों ने माल को होल्ड करवा दिया है।