
नागौर। राजस्थान के पंचायत चुनाव में नागौर जिले की बरणगांव ग्राम पंचायत का मुकाबला बेनीवाल परिवार की आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते चर्चा में है। यहां सरपंच पद के लिए सांसद हनुमान बेनीवाल की दो भाभियां आमने-सामने हैं। उनके बड़े भाई स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल और दूसरे बड़े भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला बेनीवाल चुनाव मैदान में हैं। दोनों सगी बहनें हैं, लेकिन सरपंच की कुर्सी के लिए अब एक-दूसरे के सामने चुनौती पेश कर रही हैं। ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए कुल छह महिला प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रही हैं।
इस मुकाबले की अहम बात यह है कि सांसद हनुमान बेनीवाल ने गांव के सरपंच चुनाव से दूरी बना रखी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों को भी चुनाव नहीं लड़ने के लिए कहा था, लेकिन उनके दोनों बड़े भाइयों के परिवारों से प्रत्याशी मैदान में उतर गए। अब तक किसी प्रत्याशी को सांसद की ओर से आधिकारिक समर्थन दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में गांव का चुनाव परिवार के भीतर राजनीतिक ताकत और स्थानीय जनाधार की परीक्षा बन गया है।
बरणगांव की राजनीति में रामप्रसाद बेनीवाल की पहले भी अहम भूमिका रही है। वे करीब 25 साल पहले गांव के सरपंच रह चुके थे और लंबे समय तक स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे। उनके निधन के बाद अब उनकी पत्नी मीरा बेनीवाल सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। दूसरी ओर, प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला भी अपनी दावेदारी के साथ मैदान में हैं। दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबले पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हैं।
बेनीवाल परिवार में राजनीतिक टकराव का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में मीरा बेनीवाल की बेटी डॉ. अनिता बेनीवाल खींवसर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हनुमान बेनीवाल के सामने चुनाव लड़ चुकी हैं। इस बार पंचायत चुनाव में परिवार की अगली राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बरणगांव में दिखाई दे रही है। बरणगांव और उससे जुड़े बूढ़ी व अर्जुनपुरा क्षेत्र को मिलाकर कुल 2,970 मतदाता हैं। इन्हीं के वोट से तय होगा कि सरपंच की कुर्सी किसके हिस्से में आएगी।
नागौर जिले में शनिवार को सात पंचायत समितियों की 192 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान होना है। सरपंच पद के लिए कुल 722 प्रत्याशी मैदान में हैं। नामांकन, जांच, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। श्रीबालाजी की रोहिणी व घोड़ारण तथा पांचौड़ी की दूजासर ग्राम पंचायत में सरपंच और पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। गुरुवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव में 66.81 प्रतिशत मतदान हुआ था। अब सरपंच चुनाव में इससे अधिक मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।