
Narayanpur News: जिला मुख्यालय से छोटेडोंगर मार्ग में आमदई माइंस की भारी वाहनों के चलने से सड़क की दुर्दशा हो गई है। ग्रामीणों का सड़क में पैदल चलना तक दुभर हो गया है। ग्रामीणों को अपनी निजी व शासकीय कार्य के लिए आए दिन मुख्यालय आना जाना पड़ता है। ग्रामीण जब अपने दुपहिया वाहन में सवार होकर निकलते हैं तो जान जोखिम में डालकर घर से निकलते हैं। वहीं मुख्यालय(Narayanpur News) पहुंचते ही धुल से लाल हो जाते हैं।
नारायणपुर छोटेडोंगर मार्ग(Narayanpur News) में रोजाना सैकड़ों वाहनों का आना जाना लगा रहता है। इससे धूल के गुब्बारे उड़ने से मुख्य मार्ग से लगे प्रतिष्ठानों व घरों में लाल धूल जमने लगी हैं। इससे खान पान की वस्तुओं में धुल एकत्रित होने से लोगों के स्वास्थ्य में भी बुरा असर पड़ रहा है। हालांकि निको प्रबंधन द्वारा सड़क में टेंकर की मदद से पानी डाला जा रहा है। लेकिन सड़क में पानी डालने के कुछ घंटे बाद ही फिर से धुल उड़ने लगती है।
गड्ढों में तब्दील हुई सड़क
ग्रामीणों की मानें तो आमदई माइंस की भारी वाहनों के चलने की वजह से सड़क की ऐसी दुर्दशा हो गई है। पहले यह डामरीकृत सड़क था मगर जब से आमदई में लौह अयस्क खनन का कार्य शुरू हुआ तो सैकड़ों वाहनों का आना जाना लगा रहता है। इससे सड़क से डामर पुरी तरह से उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गई थी। इससे निको कंपनी द्वारा माइंस की ट्रकों के आवागमन के लिए इन गड्ढों में गीट्टी व मुरूम को डालकर पेंच लगाया जा रहा है। जो राहगीरों व दुपहिया चालकों के लिए सिरदर्द बन गया है। इससे आए दिन लोग सड़क हादसे का शिकार हो रहे हैं।
जिम्मेदार मौन
नारायणपुर छोटेडोंगर मार्ग (Narayanpur News) में सड़क हादसे से कई लोगों की जान भी जा चुकी है मगर जिम्मेदार मौन है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार आंदोलन किया गया। लेकिन उच्च अधिकारियों द्वारा हर बार आश्वासन देंकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। इससे ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।
स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य में बुरा असर पड़ने की संभावना
सड़क की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि सुबह हमारे बच्चे नहा धोकर साफ सुथरी स्कूल ड्रेस पहनकर स्कूल जाते हैं मगर सड़क में धूल के गुब्बारे उड़ने से बच्चों का ड्रेस लाल होकर गंदा हो जाता है साथ ही धूल के कण बच्चों के शरीर में प्रवेश कर रहा है इससे हमारे बच्चों के स्वास्थ्य में बुरा असर पड़ सकता है।
मुख्यालय पहुंचने में लगते हैं दो घंटे
बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त हो चुके हैं पहले दो पहिए से मुख्यालय (Narayanpur News) पहुंचने के लिए एक घंटे का समय लगता था परन्तु अब मुख्यालय पहुंचने के लिए दो घंटे लगते हैं इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है।