
उफनते नदी-नालों में फंसे माड़िया ग्रामीण (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Flood News: नारायणपुर जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद अबूझमाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो गया। ओरछा के साप्ताहिक बाजार में खरीदारी और कृषि उपज बेचने पहुंचे विशेष संरक्षित जनजाति (पीवीटीजी) माडिय़ा समुदाय के सैकड़ों ग्रामीण उफनते नदी-नालों के कारण अपने गांव नहीं लौट सके। बुधवार को बाजार पहुंचे ग्रामीण तेज बारिश और बाढ़ के चलते ओरछा मुख्यालय में ही रुकने को मजबूर हो गए।
राहत अभियान के दौरान पुलिस बल पूरे समय मुस्तैद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों के समन्वित प्रयास से अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ। राहत की बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम, ओरछा ग्राम पंचायत के सरपंच, प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। सभी के सहयोग से सैकड़ों माडिय़ा ग्रामीण सुरक्षित अपने गांवों के लिए रवाना हो सके।
बारिश थमने और जलस्तर घटने के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत अभियान चलाया। नदीपारा नाले के दोनों किनारों पर मजबूत रस्सी बांधकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई। इसके सहारे पुलिस जवानों की निगरानी में एक-एक कर सभी ग्रामीणों को सुरक्षित नाला पार कराया गया और उनके गांवों के लिए रवाना किया गया।
प्रशासन के अनुसार, पूरे राहत अभियान के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए और पुलिस बल लगातार मौके पर तैनात रहा। प्रशासन, स्थानीय लोगों और पुलिस के समन्वय से सभी फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकाल लिया गया तथा अभियान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम ने बताया कि साप्ताहिक बाजार में आए दूरस्थ गांवों के ग्रामीण बुधवार से बाढ़ के कारण ओरछा में फंसे हुए थे। शुक्रवार को जलस्तर कम होने पर प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से नदीपारा नाले पर रस्सी बांधकर सुरक्षित मार्ग तैयार किया गया, जिससे सभी ग्रामीणों को बिना किसी जोखिम के उनके घर भेजा जा सका।
Updated on:
02 Aug 2026 11:44 am
Published on:
02 Aug 2026 11:43 am
