
अबूझमाड़ में बाढ़ (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Abujhmad Flood: नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल में कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। जैसे ही रास्ते कुछ हद तक खुलने शुरू हुए, बाढ़ से मची बर्बादी की दिल नहला देने वाली तस्वीरें सामने आने लगीं। मेटानार ग्राम पंचायत के ब्रहबेड़ा और ढोंडरीबेड़ा गांवों में बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है।
सबसे दर्दनाक हादसा ब्रहबेड़ा में हुआ, जहां एक ही परिवार की दो मासूम बेटियां बाढ़ की भेंट चढ़ गईं। बुधवार देर रात जब गांव में बाढ़ का पानी अचानक तेजी से घुसने लगा, तो ब्रहबेड़ा निवासी सोनुराम हिचामी अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान तेज बहाव के दबाव से उनके मिट्टी के घर की दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबने और पानी में डूबने से उनकी 3 वर्षीय मासूम बेटी रामशिला हिचामी की मौके पर ही मौत हो गई।
अभी परिवार इस गहरे सदमे में ही था कि कुछ ही देर में दूसरा दर्दनाक हादसा हो गया। सोनुराम अपनी 7 माह की छोटी बेटी सिमरन को सीने से सटाकर उफनते पानी को पार कर रहे थे। तभी अचानक पानी का तेज थपेड़ा लगा और मासूम उनकी गोद से फिसलकर तेज धारा में समा गई। परिजन और ग्रामीण पूरी रात उसे ढूंढते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था। ग्रामीणों की मदद से रामशिला का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।
अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ से 50 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। प्रभावित गांवों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित विजय नुरेटी ने बताया कि बाढ़ से कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, कई घर बह गए और दो बच्चियों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर जा रहे थे, लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों बच्चियों को नहीं बचाया जा सका। मृत बच्चियों में एक की उम्र करीब 3 वर्ष और दूसरी की 6-7 माह थी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन और राहत दल की ओर से प्रभावित लोगों को कंबल, राशन और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, बाढ़ से प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
बाढ़ ने सिर्फ एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे जख्म दिए हैं। ब्रहबेड़ा में 10 से 12 मकान ढह गए हैं, जबकि ढोंडरीबेड़ा में भी घर पूरी तरह नष्ट हो गए। खेतों में बाढ़ का पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई पालतू मवेशी तेज बहाव में बह गए या मलबे में दबकर मर गए। घरों में रखा सारा राशन और गृहस्थी का सामान बह चुका है।
Updated on:
02 Aug 2026 11:31 am
Published on:
02 Aug 2026 11:31 am
