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बारूद से बाजार और जंगल से जनसमृद्धि तक, रेशम के धागों ने बदल दी नारायणपुर की दिशा

Bastar Silk: नक्सल प्रभावित नारायणपुर अब रेशम उत्पादन के जरिए विकास की नई कहानी लिख रहा है। मलबरी और टसर रेशम योजनाओं से ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिल रहा है।
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Narayanpur Silk Production

नारायणपुर रेशम उत्पादन (photo source- AI)

Narayanpur Silk Production: एक समय था जब नारायणपुर का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में नक्सल हिंसा, बारूदी सुरंगें और सुरक्षा बलों के अभियान की तस्वीर उभरती थी। विकास की योजनाएं अक्सर सुरक्षा चुनौतियों के बीच सिमट जाती थीं और रोजगार की तलाश में ग्रामीणों को गांव छोड़ना पड़ता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। आज यही नारायणपुर रेशम के धागों से आत्मनिर्भरता की नई कहानी बुन रहा है। यहां जंगल केवल वन संपदा का स्रोत नहीं, बल्कि आजीविका और समृद्धि की नई राह बन रहे हैं।

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