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दिल कमजोर था, इरादे नहीं! ‘हार नहीं मानूंगा’… जानें चेस चैंपियन दीपांशु पटले की प्रेरणादायक कहानी

महासमुंद के दीपांशु पटले ने बचपन में गंभीर हृदय रोग से जूझने के बावजूद हार नहीं मानी। आज वे 1574 FIDE रेटिंग के साथ अंडर-15 वर्ग में चार राज्यों के चैंपियन हैं और अपनी उपलब्धियों से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं।
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Inspirational Story

Inspirational Story: छत्तीसगढ़ का 'चेस परिवार(photo-patrika0

Inspirational Story: छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। यहां की मिट्टी ने खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में कई नाम दिए हैं। इन्हीं में से एक है महासमुंद का पटले परिवार, जिसने शतरंज को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक मिशन बना लिया है। आज यह परिवार न केवल खुद शतरंज की बिसात पर सफलताओं के नए अध्याय लिख रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के बच्चों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम कर रहा है।

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