
स्मार्ट मीटर नहीं वसूली मीटर: कांग्रेस (photo source- Patrika)
Smart Meter Controversy: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम ने शनिवार को भाजपा सरकार की बिजली नीति, स्मार्ट मीटर और लगातार बढ़ रही बिजली दरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने राज्य सरकार कई गंभीर आरोप लगाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने पत्रकार वार्ता में स्मार्ट मीटर को वसूली मीटर बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार एक ओर महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को एक हजार रुपए दे रही है।
वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिजली बिलों के माध्यम से एक ही परिवार से 4 से 5 हजार रुपए तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पांचवीं बार बिजली की दरें बढ़ाई गई हैं और जुलाई से घरेलू, गैर-घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं के लिए नई दरें लागू कर दी गई हैं। इसके पहले 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार भी लगाया गया था।
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक बिजली दरों में 31.23 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है जबकि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू कर उपभोक्ताओं को राहत दी थी।
कांग्रेस ने बिजली दरों और स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करते हुए बताया कि घर-घर अभियान शुरू किया जाएगा। लोगों से स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने के समर्थन में आवेदन और विरोध पत्र भरवाए जाएंगे। दो महीने तक यह अभियान चलाने के बाद जिला मुख्यालयों के बिजली कार्यालयों का घेराव कर आवेदन सौंपे जाएंगे। इसके बाद अंतिम चरण में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी तत्काल वापस ली जाए।
400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू की जाए।
प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर हटाए जाएं।
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी राज्य सरकार की बिजली नीति का विरोध करते हुए इसे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बता रही है।
Updated on:
2 Aug 2026, 11:01 AM IST
Published on:
2 Aug 2026, 11:01 AM IST
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