
खून से PM मोदी को लिखा पत्र (फोटो सोर्स- पत्रिका)
NEET Paper Leak: NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं और आंदोलनरत युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में छत्तीसगढ़ के कवर्धा में युवाओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र होकर युवाओं ने नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने खून से पत्र लिखकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हों तो युवाओं का विश्वास कमजोर होता है। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। युवाओं का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और आर्थिक संसाधन लगाते हैं। ऐसे में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की खबरें सामने आने से युवाओं में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
इधर, बस्तर में भी NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में नगरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की खबरों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि-
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि समयबद्ध जांच, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और दोषियों पर सख्त कार्रवाई से ही छात्रों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सकता है।
Updated on:
24 Jul 2026 05:50 pm
Published on:
24 Jul 2026 05:50 pm
