
कवर्धा में बस किराया बढ़ाने की मांग (photo AI Image)
Demand for bus fare: डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और बस संचालन की लागत में लगातार इजाफे के बीच छत्तीसगढ़ के बस संचालकों ने एक बार फिर यात्री किराया बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सरकार से सामान्य और डीलक्स बसों के किराए में संशोधन की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक निर्णय नहीं लिया गया तो 3 अगस्त को कवर्धा बस स्टैंड में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
महासंघ का कहना है कि वर्ष 2021 के बाद से बस किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि इस दौरान डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, बस बॉडी निर्माण, मरम्मत, कर्मचारियों के वेतन और अन्य संचालन संबंधी खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है। इसके चलते बस संचालन आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
महासंघ ने शासन को सौंपे ज्ञापन में सामान्य यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत तक वृद्धि की मांग की है। बस संचालकों का कहना है कि मौजूदा किराया बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम है, जिससे अधिकांश निजी बस संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
महासंघ ने आरोप लगाया कि मार्च 2025 में जारी अधिसूचना के जरिए यात्री किराए में लगभग 25 प्रतिशत की कमी कर दी गई थी। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर के बस संचालकों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई। अब डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने संकट को और गहरा दिया है, जिससे कई रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित होने लगा है।
महासंघ के कवर्धा जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह ठाकुर ने बताया कि बस संचालकों ने सरकार को 31 जुलाई 2026 तक किराया वृद्धि पर फैसला लेने का समय दिया है। यदि तय समय तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 3 अगस्त 2026 को जिला मुख्यालय स्थित कवर्धा बस स्टैंड में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल कवर्धा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे की रणनीति शासन के रुख को देखते हुए तय की जाएगी।
महासंघ ने सरकार से मांग की है कि वर्ष 2021 की अधिसूचना के अनुरूप किराए का पुनर्निर्धारण करते हुए नई अधिसूचना जारी की जाए। साथ ही अन्य राज्यों की तर्ज पर ऐसी स्थायी व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें डीजल की कीमतों में होने वाली कमी या बढ़ोतरी के अनुसार बस किराया स्वतः संशोधित किया जा सके। बस संचालकों का कहना है कि यदि समय रहते किराया संशोधित नहीं किया गया तो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
Updated on:
29 Jul 2026 01:38 pm
Published on:
29 Jul 2026 01:37 pm
