
नारायणपुर.अबूझमाड़ ओरछा जनपद पंचायत के दो सरपंच व एक उपसरपंच ने माओवादी दहशत के कारण अपना त्याग पत्र जनपद पंचायत के सीईओ को सौंपा है। शुक्रवार को मुरूमवाड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच बुधुराम धु्रव पिता दोबाराम, उपसरपंच मंगडूराम पोयाम व गोमागाल सरपंच रमेश धु्रव पिता माटाराम ने पद से इस्तीफा दिया।
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व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफे की बात
त्याग पत्र में जनप्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा देने की बात लिखी है। लेकिन सच्चाई यह भी है कि अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों में माओवादी जनप्रतिनिधियों को लगातार निशाना बना रहे हैं। मारपीट के साथ ही हत्या भी कर रहे है। इस दहशत के कारण अबूझमाड ओरछा विकास खण्ड के जनप्रतिनिनिध एक-एक कर पद से इस्तीफा दे रहे है।
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पुश्तैनी जमीन व योजनाओं से हैं वंचित
जानकारी के अनुसार अबूझमाड ओरछा ब्लॉक मुख्यालय का राजस्व सर्वे 6 दशक बाद भी नहीं हो सका था। इस कारण अबूझमाड़ में निवासरत आदिवासी ग्रामीणों को अपनी पुश्तैनी जमीन का मालिकाना हक सहित शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित होना पड़ रहा है।
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राजस्व सर्वे की बात नक्सलियों को गुजरी नागवार
शासन ने 17 अक्टूबर 2016 को छग भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा- 67 की उपधारा 1 के तहत असर्वेक्षित ग्राम में सर्वेक्षण कार्य शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद राजस्व विभाग का मैदानी अमला व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की की मदद से 21 अप्रैल को अबूझमाड़ के आकाबेड़ा से राजस्व सर्वे का कार्य शुरू किया। अबूझमाड़ के राजस्व सर्वे शुरू करने की बात माओवादियों को नागवार गुजरी। उन्होंने बौखलाहट में राजस्व सर्वे में रोड़ा पहुचाने के लिए वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया है। माओवादी रोड ब्लॉक करने, फायरिंग करने, मारपीट, जनप्रतिनिधियों को मौत के घाट उतारने जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे है।