नरसिंहपुर

10 हजार यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, स्टेशन के 36 सीसीटीवी एक साल से बंद

व्यस्त स्टेशन के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और 36 सीसीटीवी कैमरे करीब एक साल से बंद पड़े हैं।
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स्टेशन से होकर अप-डाउन लाइन पर लगभग 140 ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें करीब 100 एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं, जिनका यहां ठहराव नहीं है। वहीं 60 जोड़ी ट्रेनें स्टेशन पर रुकती हैं। इतने व्यस्त स्टेशन के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और 36 सीसीटीवी कैमरे करीब एक साल से बंद पड़े हैं।
एक साल से बंद पड़े कैमरे व्यवस्था को चिढ़ा रहे हैं।

adequate security arrangements नरसिंहपुर. जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर हर दिन करीब 10 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। स्टेशन से होकर अप-डाउन लाइन पर लगभग 140 ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें करीब 100 एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं, जिनका यहां ठहराव नहीं है। वहीं 60 जोड़ी ट्रेनें स्टेशन पर रुकती हैं। इतने व्यस्त स्टेशन के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और 36 सीसीटीवी कैमरे करीब एक साल से बंद पड़े हैं।
जानकारी के अनुसार प्लेटफार्म क्रमांक एक और दो पर लगाए गए कैमरे चालू नहीं हो सके हैं। कैमरे लगाने वाली एजेंसी के नुमाइंदे इन्हें लगाकर चले गए, लेकिन उसके बाद से न तो उन्होंने पलटकर देखा और न ही इन्हें शुरू किया। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दो कैमरे भरोसे निगरानी
वर्तमान में स्टेशन की निगरानी केवल दो पुराने कैमरों के भरोसे चल रही है, जो बुकिंग काउंटर और मुख्य द्वार पर लगे हैं। इतने बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशन के लिए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। रेलवे सूत्रों के अनुसार स्टेशन से प्रतिदिन करीब ढाई से तीन लाख रुपए का नकद राजस्व प्राप्त होता है, जबकि ऑनलाइन बुकिंग से होने वाली आय अलग है। इसके बावजूद सुरक्षा संसाधनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कैमरे लगाने वाली एजेंसी के इंजीनियर को कई बार वरिष्ठ स्तर से सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। एजेंसी की लापरवाही से कैमरे चालू नहीं हो पा रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। वहीं यात्रियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों और यात्रियों की आवाजाही के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था का यह हाल चिंता का विषय है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से जल्द कैमरों को चालू कर प्रभावी निगरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
खास-खास
रोजाना 10 हजार यात्रियों की आवाजाही
स्टेशन से होकर गुजरती हैं करीब 140 ट्रेनें
इनमें 100 एक्सप्रेस ट्रेनें, जिनका नहीं है ठहराव
60 जोड़ी ट्रेनें स्टेशन पर रुकती हैं
प्लेटफार्म 1 और 2 पर लगे 36 कैमरे बंद
एक साल से नहीं हो सके चालू
केवल दो पुराने कैमरों के भरोसे निगरानी
प्रतिदिन 2.5 से 3 लाख रुपए का नकद राजस्व
एजेंसी को कई बार सूचना, फिर भी सुधार नहीं
वर्जन
जिस एंजेसी के जरिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे उसके जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार इंजीनियर भेजने कहा जा चुका है। जिससे कैमरे चालू हो सकें। कैमरों की कमी से यात्रियों की सुरक्षा-निगरानी करने में परेशानी होती है।
सुनील जाट, स्टेशन अधीक्षक नरसिंहपुर

Updated on:
25 Apr 2026 12:49 pm
Published on:
25 Apr 2026 12:49 pm
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